कटिहार रेल मंडल में रेल लाइनों के दोहरीकरण कार्य के कारण रेलवे प्रशासन ने 7 जून से 14 जून 2026 तक मेगा ब्लॉक की घोषणा की है। इस अवधि में कटिहार–सोनैली और कटिहार–कुरेठा रेलखंड पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (BPNI, Pre-NI एवं NI) का कार्य किया जाएगा। निर्माण कार्य के चलते कई लोकल, पैसेंजर, डीएमयू और मेमू ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें वैकल्पिक मार्ग से संचालित होंगी। 7 जून को 15672 रोहतक–कामाख्या एक्सप्रेस चलेगी रेलवे की अधिसूचना के अनुसार, 7 जून को 15672 रोहतक–कामाख्या एक्सप्रेस और 8 जून को 15078 गोमतीनगर–कामाख्या एक्सप्रेस, 15716 अजमेर–किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस, 11031 पनवेल–अलीपुरद्वार एक्सप्रेस तथा 15651 लोहित एक्सप्रेस ठाकुरगंज होकर चलेंगी। इसके अतिरिक्त, डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, भगत की कोठी एक्सप्रेस और अरुणाचल एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों को भी इसी मार्ग से मोड़ा जाएगा। इस निर्णय के बाद सीमांचल क्षेत्र में रेलवे की विकास नीतियों पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब ठाकुरगंज रेलखंड देश की महत्वपूर्ण और प्रीमियम ट्रेनों का दबाव संभालने में सक्षम है, तो सामान्य दिनों में इस रूट और यहां के स्टेशनों की उपेक्षा क्यों की जाती है। दबाव बढ़ने से पैसेंजर-इंटरसिटी सेवाओं रद्द स्थानीय नागरिकों और रेल यात्रियों ने आरोप लगाया है कि जब भी किसी कारणवश इस रूट पर ट्रेनों का दबाव बढ़ता है, तब स्थानीय पैसेंजर और इंटरसिटी सेवाओं को रद्द कर दिया जाता है। वहीं, ठाकुरगंज, गलगलिया, पौआखाली और आलुआबाड़ी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आज भी प्लेटफॉर्म विस्तार, फुट ओवरब्रिज, यात्री शेड और आधुनिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने रेल मंत्रालय से मांग की है कि ठाकुरगंज रेलखंड को केवल आपातकालीन वैकल्पिक मार्ग के बजाय पूर्वोत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक रेल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। उनका तर्क है कि संकट के समय देश का भार संभालने वाला यह रूट विकास और सुविधाओं का भी समान अधिकार रखता है।
कटिहार रेल मंडल में मेगा ब्लॉक:कई ट्रेनें रद्द, राजधानी समेत दर्जनों एक्सप्रेस ठाकुरगंज रूट से चलेंगी
कटिहार रेल मंडल में रेल लाइनों के दोहरीकरण कार्य के कारण रेलवे प्रशासन ने 7 जून से 14 जून 2026 तक मेगा ब्लॉक की घोषणा की है। इस अवधि में कटिहार–सोनैली और कटिहार–कुरेठा रेलखंड पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (BPNI, Pre-NI एवं NI) का कार्य किया जाएगा। निर्माण कार्य के चलते कई लोकल, पैसेंजर, डीएमयू और मेमू ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें वैकल्पिक मार्ग से संचालित होंगी। 7 जून को 15672 रोहतक–कामाख्या एक्सप्रेस चलेगी रेलवे की अधिसूचना के अनुसार, 7 जून को 15672 रोहतक–कामाख्या एक्सप्रेस और 8 जून को 15078 गोमतीनगर–कामाख्या एक्सप्रेस, 15716 अजमेर–किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस, 11031 पनवेल–अलीपुरद्वार एक्सप्रेस तथा 15651 लोहित एक्सप्रेस ठाकुरगंज होकर चलेंगी। इसके अतिरिक्त, डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, भगत की कोठी एक्सप्रेस और अरुणाचल एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों को भी इसी मार्ग से मोड़ा जाएगा। इस निर्णय के बाद सीमांचल क्षेत्र में रेलवे की विकास नीतियों पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब ठाकुरगंज रेलखंड देश की महत्वपूर्ण और प्रीमियम ट्रेनों का दबाव संभालने में सक्षम है, तो सामान्य दिनों में इस रूट और यहां के स्टेशनों की उपेक्षा क्यों की जाती है। दबाव बढ़ने से पैसेंजर-इंटरसिटी सेवाओं रद्द स्थानीय नागरिकों और रेल यात्रियों ने आरोप लगाया है कि जब भी किसी कारणवश इस रूट पर ट्रेनों का दबाव बढ़ता है, तब स्थानीय पैसेंजर और इंटरसिटी सेवाओं को रद्द कर दिया जाता है। वहीं, ठाकुरगंज, गलगलिया, पौआखाली और आलुआबाड़ी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आज भी प्लेटफॉर्म विस्तार, फुट ओवरब्रिज, यात्री शेड और आधुनिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने रेल मंत्रालय से मांग की है कि ठाकुरगंज रेलखंड को केवल आपातकालीन वैकल्पिक मार्ग के बजाय पूर्वोत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक रेल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। उनका तर्क है कि संकट के समय देश का भार संभालने वाला यह रूट विकास और सुविधाओं का भी समान अधिकार रखता है।

