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कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन

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कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन


भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही 108 एंबुलेंस सेवा धालभूमगढ़ क्षेत्र में बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। लोगों को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण मरीजों की जान तक जा रही है। आपात स्थिति में भी कॉल सेंटर से समय पर जवाब नहीं मिलने से हालात और गंभीर हो गए हैं। सेवा की शुरुआत और वर्तमान स्थिति : झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा की शुरुआत 14 नवंबर 2017 को तत्कालीन रघुवर सरकार के समय हुई थी। शुरुआत में जिगिंजा हेल्थ केयर लिमिटेड द्वारा करीब छह वर्षों तक सेवा संचालित की गई, जिसमें लोगों को अपेक्षाकृत बेहतर सुविधा मिलती थी। इसके बाद एक वर्ष तक एमआरआईजीबी कंपनी ने संचालन किया। वर्तमान में 4 फरवरी 2025 से पूरे राज्य में इस सेवा का संचालन सम्मान फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। जिले में एंबुलेंस, लेकिन अधिकांश खराब : जानकारी के अनुसार पूरे झारखंड में 541 एंबुलेंस हैं, जबकि पूर्वी सिंहभूम जिले में 25 एंबुलेंस तैनात हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश खराब स्थिति में हैं। धालभूमगढ़ प्रखंड की बात करें तो यहां कुल तीन 108 एंबुलेंस हैं, लेकिन तीनों ही खराब हैं और चलने की स्थिति में नहीं हैं। कॉल सेंटर की लापरवाही से बढ़ी परेशानी : आपात स्थिति में जब लोग 108 पर कॉल करते हैं, तो घंटों तक कॉल रिसीव नहीं होता। ऐसे में परिजन एंबुलेंस के इंतजार में समय गंवाते रहते हैं, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। सोमवार को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण चतरो गांव निवासी 50 वर्षीय छुटू टुडू की मौत हो गई। सुबह से उन्हें पेट दर्द और दस्त की शिकायत थी। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए संपर्क किया, लेकिन समय पर सुविधा नहीं मिल सकी। काफी देर बाद उन्हें किसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ पहुंचाया गया, जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो उनकी जान बच सकती थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को मजबूरन शव को टेंपो से घर ले जाना पड़ा। इस संबंध में झारखंड एंबुलेंस कर्मचारी संघ के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष अजय कुमार दांगी और सचिव सागर मंडल ने बताया कि सम्मान फाउंडेशन के संचालन के बाद से सेवा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश एंबुलेंस खराब हैं और कर्मचारियों- ईएमटी एवं चालकों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। प्रबंधन पर भी उठे सवाल : संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 108 सेवा से संबंधित समस्याओं को लेकर जिला प्रबंधन या एसीओ को फोन करने पर भी कॉल रिसीव नहीं किया जाता। जो कुछ एंबुलेंस चलने लायक हैं, वे भी रखरखाव के अभाव में कभी भी रास्ते में खराब हो सकती हैं। कुल मिलाकर, धालभूमगढ़ क्षेत्र में 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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