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जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को रांची में शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष निशांत जायसवाल के नेतृत्व में बापू वाटिका से राजभवन तक हुंकार मार्च निकाला गया। मार्च के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर जातीय जनगणना में ओबीसी की अलग और स्पष्ट गणना कराने की मांग की। नेताओं ने कहा कि ओबीसी की जनसंख्या और उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विश्वसनीय आंकड़ा सामने आने के बाद ही शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी नीतियों को प्रभावी ढंग से बनाया जा सकेगा। राज्यपाल से मिलने वालों में केशव महतो कमलेश, निशांत जायसवाल, विधायक ममता देवी, प्रदेश ओबीसी विभाग प्रभारी योगेन्द्र योगी, पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद, अभिलाष साहू, शशिभूषण राय, राकेश किरण महतो और आदित्य विक्रम जायसवाल आदि शामिल थे। मौके पर प्रदीप यादव, डॉ. इरफान अंसारी, धीरज प्रसाद साहू, राजेश ठाकुर, योगेंद्र योगी, निशांत जायसवाल, रामचंद्र सिंह, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, बंधु तिर्की, पूर्व विधायक जेपी पटेल, जलेश्वर महतो, राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, योगेन्द्र साव, सुलतान अहमद, परवेज आलम, रोशन कुमार, शमशेर आलम, सुनील सिंह, रविन्द्र वर्मा, मदन महतो, सुमित कुमार, हर्षित, बिपिन, मुदसर, गुलाम सरवर, उपेन्द्र यादव, जितेन्द्र त्रिवेदी और संजय कुमार आदि शामिल थे। अलग कॉलम की मांग सामाजिक न्याय से जुड़ा विषय : दीपिका पांडे ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ओबीसी कॉलम की मांग सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा विषय है। नीति निर्माण के लिए महिलाओं, पिछड़े वर्गों और अन्य वंचित समूहों की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के विश्वसनीय आंकड़े जरूरी हैं। अलग ओबीसी कॉलम होने से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास और आर्थिक अवसरों के क्षेत्र में जरूरत के मुताबिक नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। सही आंकड़ों से सही योजनाएं बनेंगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि जातीय जनगणना समाज की वास्तविक स्थिति समझने का माध्यम है। जब तक ओबीसी की जनसंख्या व सामाजिक, आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आएगा, तब तक उसके लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की प्रभावशीलता का सही आकलन मुश्किल होगा। ओबीसी को संगठित करने की हुई कोशिश इस मार्च का राजनीतिक महत्व सिर्फ जातीय जनगणना की मांग तक सीमित नहीं है। कांग्रेस ने पहली बार इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर बड़े नेताओं की मौजूदगी के साथ सड़क से राजभवन तक ले जाने का संदेश दिया है।मालूम हो कि झारखंड में ओबीसी की एक बड़ी आबादी है।
कांग्रेस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष गंगवार से मिला:जातीय जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग पर कांग्रेस ने किया राजभवन मार्च
