औरंगाबाद में बुधवार की देर रात सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक स्कॉर्पियो से टकराई गई। हादसे का एक सीसीटीवी फुजेट भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि कार चालक गाड़ी घुमा रहा है, इतने में पीछे से एक बाइक सवार स्कॉर्पियो से टकरा जाता है। टक्कर इतनी जोर की थी कि बाक सवार हवा में उछल कर थोड़ी दूर पर गिरा और उसकी मौत हो गई। वहीं, कार सवार मौके से निकल गए। ये लोग होटल से पार्टी कर निकले थे। मृतक कासमा थाना क्षेत्र के भटकुराह गांव निवासी उमेश यादव (38) है। जो एसबीआई के एटीएम में सिक्योरिटी गार्ड थे। वर्तमान में अपने परिवार के साथ रफीगंज स्थित आरबीआर हाई स्कूल किराए के मकान में रहते थे। घटना रफीगंज थाना क्षेत्र बस स्टैंड के पास की है। होटल से पार्टी कर निकले थे कार सवार परिजन के अनुसार उमेश यादव बुधवार की रात अपने घर से बुआ के घर कासमा जाने के लिए निकला था। फीगंज बस स्टैंड के पास एक होटल से कुछ लोग पार्टी कर निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार मोड़ने के दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया और बाइक सवार उमेश उसकी चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उमेश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुटे। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना रफीगंज थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान होने के बाद परिजनों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों का दावा है कि कार सवार नशे में थे और तेज गति से कार को मोड़ रहे थे। इस दौरान हादसा हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुजेट खंगाला जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस को मिले फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि दो काले रंग की कार से कुछ लोग होटल पहुंचे थे। होटल से निकलने के दौरान एक कार की चपेट में बाइक सवार उमेश यादव आ गया।
कार सवारों की हो रही पहचान रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार और उसमें सवार लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उधर, हादसे के बाद मृतक की पत्नी ललिता देवी, बेटा नीरज और धीरज सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि उमेश यादव 6 भाइयों में सबसे बड़े थे। सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे।
