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किशनगंज में पुलिस और प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बावजूद अवैध लॉटरी का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लॉटरी माफिया बेखौफ होकर शहर के विभिन्न इलाकों में खुलेआम टिकट बेच रहे हैं। वे रातों-रात करोड़पति बनने का झांसा देकर गरीब, मजदूर और दैनिक आय पर निर्भर लोगों से पैसे वसूल रहे हैं। लोगों के अनुसार, हलीम चौक, महेशबथना, पीपला चौक, काजल मनी, रूईधासा, धरमगंज, मस्तान चौक और ब्लॉक चौक जैसे कई स्थानों पर लंबे समय से अवैध लॉटरी टिकटों की बिक्री जारी है। इस धंधे से जुड़े लोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में टिकट बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि अधिकांश खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। जल्दी अमीर बनने की चाह में कई परिवार अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं, जिससे आर्थिक तंगी और कर्ज की समस्या बढ़ रही है। पश्चिम बंगाल के कानकी क्षेत्र से होती है आपूर्ति स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस कारोबार में इस्तेमाल होने वाले टिकटों की आपूर्ति पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के कानकी क्षेत्र से होती है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता जांच का विषय है। सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस नेटवर्क में विशाल, चंदन, ओम, सोनू, जुलु, चायवाला, मनान और सद्दाम जैसे कुछ अन्य लोगों की भूमिका हो सकती है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस या प्रशासन ने किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। टिकटों की बिक्री के बावजूद कार्रवाई नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम टिकटों की बिक्री के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कारोबार करने वालों में कानून का भय नहीं दिख रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करने, कथित सप्लाई चेन का पता लगाने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.50 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध लॉटरी टिकटें जब्त की थीं। इस अभियान के तहत लगातार छापेमारी की जा रही है और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

