किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पंचायत अंतर्गत नेपाली चौक पर 112 पुलिस टीम और एक ट्रैक्टर चालक के बीच विवाद का मामला सामने आया है। यह घटना घर के गड्ढे को भरने के लिए ‘धुस’ (मिट्टी/रेत) ले जाने के दौरान हुई, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… दोनों पक्षों के बीच बहस मटियाभिटा निवासी अब्दुल कासिम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे चमानी घाट से धुस लाकर नेपाली चौक स्थित एक घर में डाल रहे थे। इसी दौरान 112 पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मी वीडियो बनाने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, जब इसका विरोध किया गया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिसकर्मी का मोबाइल गिरा ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विवाद के दौरान एक पुलिसकर्मी का मोबाइल फोन कहीं गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्रामीण के पास वह फोन मिला तो उसे ढूंढकर वापस कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या गरीब मजदूर और किसान अपने घर में मिट्टी भी नहीं भर सकते। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का खेल चलता है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग लोगों ने आगे आरोप लगाया कि छोटे किसानों और ट्रैक्टर चालकों को नियम-कानून का डर दिखाया जाता है, जबकि बड़े खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करने और अवैध खनन के खिलाफ सभी पर समान रूप से कानून लागू करने की मांग की है। इस संबंध में पुलिस पक्ष से जानकारी लेने का प्रयास किया गया है, लेकिन फिलहाल उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
किशनगंज में पुलिस-ट्रैक्टर चालक में झड़प:वीडियो बनाने पर बढ़ा विवाद, ग्रामीण बोले- खनन माफियाओं पर कार्रवाई नहीं
किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पंचायत अंतर्गत नेपाली चौक पर 112 पुलिस टीम और एक ट्रैक्टर चालक के बीच विवाद का मामला सामने आया है। यह घटना घर के गड्ढे को भरने के लिए ‘धुस’ (मिट्टी/रेत) ले जाने के दौरान हुई, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… दोनों पक्षों के बीच बहस मटियाभिटा निवासी अब्दुल कासिम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे चमानी घाट से धुस लाकर नेपाली चौक स्थित एक घर में डाल रहे थे। इसी दौरान 112 पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मी वीडियो बनाने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, जब इसका विरोध किया गया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिसकर्मी का मोबाइल गिरा ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विवाद के दौरान एक पुलिसकर्मी का मोबाइल फोन कहीं गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्रामीण के पास वह फोन मिला तो उसे ढूंढकर वापस कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या गरीब मजदूर और किसान अपने घर में मिट्टी भी नहीं भर सकते। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का खेल चलता है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग लोगों ने आगे आरोप लगाया कि छोटे किसानों और ट्रैक्टर चालकों को नियम-कानून का डर दिखाया जाता है, जबकि बड़े खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करने और अवैध खनन के खिलाफ सभी पर समान रूप से कानून लागू करने की मांग की है। इस संबंध में पुलिस पक्ष से जानकारी लेने का प्रयास किया गया है, लेकिन फिलहाल उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी।

