जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में बाल संरक्षण योजनाओं और संस्थानों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पिछले तीन महीनों में बालश्रम से मुक्त कराए गए 13 बच्चों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। इसके अतिरिक्त, परवरिश योजना के तहत 404 बच्चों को नियमित लाभ दिया जा रहा है। यह योजना बच्चों को आवश्यक सहायता प्रदान करती है। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 248 बच्चों को शिक्षा और पोषण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के माध्यम से अब तक कुल 73 बच्चों को गोद दिलाया जा चुका है, जिसमें 64 देश के भीतर और 9 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शामिल हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जरिए प्राप्त 295 मामलों में से अधिकांश का त्वरित निष्पादन किया गया है। यह हेल्पलाइन बच्चों की सुरक्षा और सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलाधिकारी ने बाल गृह, बालिका गृह और अन्य देखरेख संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर पुनर्वास के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर सरकारी सहायता मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
कैमूर में 3 महीने में 13 बालश्रमिकों का पुनर्वास:परवरिश योजना से 404 बच्चों को मिल रहा लाभ
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में बाल संरक्षण योजनाओं और संस्थानों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पिछले तीन महीनों में बालश्रम से मुक्त कराए गए 13 बच्चों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। इसके अतिरिक्त, परवरिश योजना के तहत 404 बच्चों को नियमित लाभ दिया जा रहा है। यह योजना बच्चों को आवश्यक सहायता प्रदान करती है। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 248 बच्चों को शिक्षा और पोषण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के माध्यम से अब तक कुल 73 बच्चों को गोद दिलाया जा चुका है, जिसमें 64 देश के भीतर और 9 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शामिल हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जरिए प्राप्त 295 मामलों में से अधिकांश का त्वरित निष्पादन किया गया है। यह हेल्पलाइन बच्चों की सुरक्षा और सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलाधिकारी ने बाल गृह, बालिका गृह और अन्य देखरेख संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर पुनर्वास के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर सरकारी सहायता मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।


