
Kolkata Airport ATF VAT: पश्चिम बंगाल में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई ईंधन पर लगने वाला अत्यधिक वैल्यू ऐडेड टैक्स (VAT) कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमान सेवा के विस्तार क राह में रोड़ा बना हुआ है. राज्य में एटीएफ पर 20 प्रतिशत वैट और 20 प्रतिशत अतिरिक्त कर (एडीशनल टैक्स) मिलाकर प्रभावी टैक्स दर लगभग 24 प्रतिशत पहुंच जाती है. यह देश के प्रमुख मेट्रो एयरपोर्ट्स में सबसे अधिक है. संसद में राज्यसभा सांसद विश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा) के एक सवाल के लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह जानकारी दी.
उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में 1 प्रतिशत टैक्स, तो बंगाल में 24 प्रतिशत
पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य के एक सवाल का जब जवाब मंत्रालय से आया, तो पता चला कि उत्तर प्रदेश और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों ने विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एटीएफ पर वैट घटाकर महज 1 प्रतिशत कर दिया है. दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में 24 प्रतिशत टैक्स अभी भी लागू है. नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस जवाब में यह भी बताया कि उनके मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सहित उन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सामने एटीएफ पर उच्च वैट की दरों को तर्कसंगत (कम) बनाने का मुद्दा लगातार उठाया है.
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4 साल में विमानों की आवाजाही में 1.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि
मंत्रालय से जो आंकड़े जारी किये गये हैं, उसके मुताबिक, उच्च कराधान के बावजूद कोलकाता एयरपोर्ट पर वर्ष 2022 से 2026 की अवधि के दौरान यात्रियों की संख्या में 5.9 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि (CAGR) दर्ज की गयी है, लेकिन विमानों की आवाजाही (Aircraft Movement) में यह वृद्धि दर 1.2 फीसदी रही. समर शेड्यूल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में कोलकाता एयरपोर्ट कुल 69 डेस्टिनेशन से सीधे जुड़ा है.
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ऑपरेशनल खर्च का हवाई किराये पर पड़ता है सीधा असर
मंत्रालय ने कहा है कि एयरलाइंस के ऑपरेशन पर होने वाले खर्च अत्यंत गतिशील होते हैं. इसमें एटीएफ की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें, विदेशी मुद्रा विनिमय दरें, उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट मुख्य कारक हैं. हालांकि, हवाई किराया केवल ईंधन की दरों से ही तय नहीं होते. यह रीयल-टाइम डिमांड, प्रतिस्पर्धी बाजार, मौसम और परिचालन संबंधी अन्य पहलुओं पर भी निर्भर करते हैं. इसके बावजूद, हवाई ईंधन पर 24 प्रतिशत का भारी-भरकम वैट एयरलाइंस के ऑपरेशनल बजट को प्रभावित कर रहा है.


