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सुपौल से सटे नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश कम होने से कोसी नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नदी के प्रवाह में कमी आने से प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि, संभावित बाढ़ को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा और नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी जारी है। कोसी बराज स्थित नियंत्रण कक्ष के अनुसार गुरुवार शाम 8 बजे बराज पर नदी का डिस्चार्ज 92,200 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं नेपाल के बराहक्षेत्र में 56,500 क्यूसेक पानी का प्रवाह रिकॉर्ड हुआ। इससे पहले दोपहर 12 बजे बराज पर डिस्चार्ज घटकर 78,805 क्यूसेक तक पहुंच गया था। जलप्रवाह कम रहने के कारण कोसी बराज के 56 फाटकों में से फिलहाल केवल 10 फाटक ही खुले रखे गए हैं। तटबंध का अधिकारियों ने किया निरीक्षण इधर, डीएम सावन कुमार ने नेपाल स्थित पूर्वी एफ्लेक्स तटबंध का जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अतिसंवेदनशील स्पर संख्या 26.40 और 26.88 पर लगाए गए कंक्रीट ब्लॉकों की स्थिति देखी तथा फ्लड फाइटिंग कार्यों को संतोषजनक बताते हुए अभियंताओं की सराहना की। डीएम ने स्पर संख्या-21 का भी निरीक्षण किया, जहां 22 जून को इस वर्ष के सर्वाधिक 1,86,385 क्यूसेक जलप्रवाह के दौरान कटाव की स्थिति बनी थी। बताया गया कि युद्धस्तर पर बोल्डर क्रेटिंग और जियो बैग लगाकर कटावग्रस्त स्थल को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है। रियल-टाइम डेटा साझा करने की समीक्षा इसके बाद डीएम ने नेपाल के बराहक्षेत्र में वाटर गेज प्रणाली का निरीक्षण कर जलस्तर मापने की वैज्ञानिक प्रक्रिया और रियल-टाइम डेटा साझा करने की व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सभी संवेदनशील स्थलों पर बांस, जियो बैग, बोल्डर सहित आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता संजीव शैलेश सहित अन्य मौजूद रहे। डीएम ने निर्देश दिया कि नेपाल स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष से लगातार समन्वय बनाए रखते हुए प्रत्येक घंटे जलप्रवाह की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

