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खगड़िय में अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन और भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के संयुक्त आह्वान पर शनिवार को खगड़िया में विरोध मार्च निकाला गया। ‘ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ-देश बचाओ’ के नारे के साथ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित वोट चोरी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन का ऐलान प्रदर्शन में शामिल किसान और मजदूर संगठनों के नेताओं ने कहा कि मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए देशव्यापी संघर्ष शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे या गिरफ्तारी की मांग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जारी रहेगी। संजय कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के अधिकारों की आवाज को पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता के संघर्ष को लंबे समय तक नहीं रोका जा सकता। दिल्ली में कार्रवाई और गिरफ्तारियों पर जताया विरोध संजय कुमार ने दिल्ली में आंदोलनकारियों के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई, ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं पर प्रतिबंध तथा विभिन्न स्थानों पर पुलिस की तैनाती का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया। पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और पूर्व की मतदाता सूची की वैधता बहाल करने की मांग की। संजय कुमार ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। उन्होंने एसआईआर के आधार पर मतदाता सूची तैयार होने के बाद कराए गए चुनावों को रद्द करने और बिहार समेत संबंधित सात राज्यों में पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून में बदलाव कर पूर्ववर्ती व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उनकी मांग है कि नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया जाए। किसान-मजदूर संगठनों के कई नेता रहे मौजूद मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम में किसान सभा के जिला सचिव विनय कुमार सिंह, बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला सचिव रामविनय सिंह, सीटू नेता विजय कुमार सिंह और संजीव कुमार सहित कई नेता शामिल हुए। इनके अलावा कुंदन मेहता, अनिल वर्मा, शिवजी महतो, रामविलास वर्मा, माला देवी, सरवन साह, मंजू देवी, रजनीश कुमार और अमीर कुमार समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी संजय कुमार ने कहा कि मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
खगड़िया में किसान-मजदूर संगठनों का मार्च:पीएम-शाह और CEC का पुतला फूंका, SIR रद्द करने की मांग; नारेबाजी-प्रदर्शन
