![]()
खगड़िया में सावन की पहली सोमवारी पर शिवभक्ति का माहौल चरम पर है। जिलेभर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन, सामाजिक संगठन तथा मंदिर समितियां सक्रिय हैं। इस अवसर पर कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर शुरू किए गए हैं, वहीं प्रसिद्ध बाबा फुलेश्वरनाथ धाम में लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। रविवार को खगड़िया शहर के श्री बुढ़ानाथ महादेव मंदिर से भगवान शिव की भव्य झांकी निकाली गई। यह झांकी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शंभूदीप धर्म कांटा (जुबली पेट्रोल पंप) एनएच-31 स्थित श्री नवयुवक रॉक संघ के कांवड़िया सेवा शिविर पहुंची। इस दौरान पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष गूंजते रहे। इस सेवा शिविर का उद्घाटन नगर थानाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने फीता काटकर किया। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह शिविर सावन माह की प्रत्येक सोमवारी को मुंगेर घाट से जल लेकर बाबा बटेश्वर धाम जाने वाले शिवभक्तों के लिए संचालित किया जाएगा। शिविर में श्रद्धालुओं को निःशुल्क गर्म पानी, ठंडा पानी, ग्लूकोज युक्त पेयजल, फल और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य लंबी यात्रा के दौरान कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। समिति ने शिवभक्तों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। दूसरी ओर, बेलदौर स्थित प्रसिद्ध बाबा फुलेश्वरनाथ मंदिर में पहली सोमवारी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन और मंदिर समिति के अनुसार, सोमवार को लगभग 10 हजार शिवभक्त और डाक कांवरिए मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालु अगवानी स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर बाबा फुलेश्वरनाथ के शिवलिंग पर अर्पित करेंगे। रविवार शाम से ही डाक कांवरियों का जत्था अगवानी घाट से जल भरकर 76 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पर निकलना शुरू हो गया है। रातभर कांवरिया पथ “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहेगा। ये डाक कांवरिए सोमवार तड़के मंदिर पहुंचकर नंगे पांव जलाभिषेक करेंगे। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोपहिया एवं अन्य वाहनों से भी अगवानी घाट से जल लेकर बाबा फुलेश्वरनाथ धाम पहुंचेंगे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे।
पहली सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया है। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए झूले और मीना बाजार भी लगाए गए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र मेले का स्वरूप ले चुका है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कांवरिया पथ से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कर सकें।
कांवड़िया सेवा शिविर के सफल संचालन में बंटी पोद्दार, रघुवीर पोद्दार, मधुकर खंडेलिया, सुभाष पोद्दार, कुंदन गोस्वामी, सोनू कुमार, रौनक सहनी, भीम कुमार, सोमनाथ कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

