गया जिले में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब है। तेज धूप के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, प्री-स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों को 31 मई तक बंद रखने का आदेश दिया है। जबकि कक्षा 9 से 12वीं तक की सुबह 11 बजे तक ही संचालित की जाएंगी। यह आदेश जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने जारी किया है, जो 26 मई 2026 से लागू होकर 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का सख्ती से पालन का निर्देश प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चों पर गर्मी का असर अधिक होता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की कॉपी आयुक्त मगध प्रमंडल, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और संबंधित विभागों को भेज दी गई है। ताकि आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके।
गयाजी में आठवीं तक के स्कूल बंद:9 से 12वीं तक क्लास सुबह 11 बजे तक ही चलेगी; जिले में 42°C के करीब पहुंचा पारा
गया जिले में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब है। तेज धूप के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, प्री-स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों को 31 मई तक बंद रखने का आदेश दिया है। जबकि कक्षा 9 से 12वीं तक की सुबह 11 बजे तक ही संचालित की जाएंगी। यह आदेश जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने जारी किया है, जो 26 मई 2026 से लागू होकर 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का सख्ती से पालन का निर्देश प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चों पर गर्मी का असर अधिक होता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की कॉपी आयुक्त मगध प्रमंडल, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और संबंधित विभागों को भेज दी गई है। ताकि आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके।

