![]()
सीतामढ़ी जिले के पुनौरा थाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अभिरक्षा से एक आरोपी को कथित तौर पर छोड़ने के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक अमित रंजन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जख्मी के भाई अभिषेक प्रियरंजन ने एसपी को आवेदन सौंपकर थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस आवेदन की प्रतिलिपि डीआईजी, आईजी, डीजीपी और बिहार मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है। आवेदन के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई की रात पुनौरा थाना क्षेत्र में हुई थी। यहां आनंद कुमार रंजन और अभिनंदन कुमार पर चाकू व लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया था। दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया
स्थानीय लोगों की मदद से तीन आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। आरोप है कि बाद में दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि तीसरे आरोपी सन्नी कुमार को थाना से कथित तौर पर छोड़ दिया गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उनके पास तत्कालीन अनुसंधानकर्ता एसआई विजय कुमार सिंह, थानाध्यक्ष रमन राज और आरोपी के परिजनों के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है। यह रिकॉर्डिंग तीनों आरोपियों को थाना लाए जाने और बाद की घटनाओं की पुष्टि करती है। वायरलेस लॉग की जांच कराने की मांग की गई
आवेदन में थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, संबंधित पुलिस अधिकारियों की कॉल डिटेल, लोकेशन, जनरल डायरी, हाजत रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट और वायरलेस लॉग की जांच कराने की मांग की गई है। इधर, इस मामले पर डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस हिरासत से आरोपी को छोड़ने के सवाल पर डीएसपी ने कहा कि उस समय संबंधित आवेदन थाना को प्राप्त नहीं हुआ था, और यह जानकारी भी नहीं थी कि वह व्यक्ति आरोपी है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है, और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

