गया रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सोमवार शाम एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के तहत की गई इस कार्रवाई में आरोपी के पास से तत्काल कोटे का रेलवे टिकट और एक मोबाइल बरामद हुआ है। मोबाइल की जांच में टिकटों की कालाबाजारी से संबंधित कई डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। आरपीएफ की टीम सोमवार को उपनिरीक्षक रणधीर कुमार के नेतृत्व में गया रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। इसी दौरान रेलवे बुकिंग काउंटर के बाहर एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान चंदौती निवासी 21 वर्षीय आदित्य कुमार के रूप में बताई। आरोपी आदित्य कुमार ने स्वीकार किया कि वह तत्काल टिकट बनवाकर यात्रियों से टिकट के वास्तविक मूल्य के अतिरिक्त 2000 से 3000 रुपए तक कमीशन वसूलता था। उसके पास से गया से नागपुर के लिए जारी एक अवैध तत्काल टिकट भी बरामद किया गया। नेटवर्क का पता लगा रही पुलिस आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की, तो व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल जानकारियों से टिकटों की अवैध खरीद-बिक्री के कई साक्ष्य मिले। इसके बाद आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें और किसी भी दलाल या अवैध एजेंट के झांसे में न आएं।
गयाजी में रेल टिकट दलाल गिरफ्तार, अवैध तत्काल टिकट बरामद:यात्रियों से 3000 रुपए तक कमीशन वसूलता था, रेलवे बुकिंग काउंटर के बाहर धराया
गया रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सोमवार शाम एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के तहत की गई इस कार्रवाई में आरोपी के पास से तत्काल कोटे का रेलवे टिकट और एक मोबाइल बरामद हुआ है। मोबाइल की जांच में टिकटों की कालाबाजारी से संबंधित कई डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। आरपीएफ की टीम सोमवार को उपनिरीक्षक रणधीर कुमार के नेतृत्व में गया रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। इसी दौरान रेलवे बुकिंग काउंटर के बाहर एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान चंदौती निवासी 21 वर्षीय आदित्य कुमार के रूप में बताई। आरोपी आदित्य कुमार ने स्वीकार किया कि वह तत्काल टिकट बनवाकर यात्रियों से टिकट के वास्तविक मूल्य के अतिरिक्त 2000 से 3000 रुपए तक कमीशन वसूलता था। उसके पास से गया से नागपुर के लिए जारी एक अवैध तत्काल टिकट भी बरामद किया गया। नेटवर्क का पता लगा रही पुलिस आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की, तो व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल जानकारियों से टिकटों की अवैध खरीद-बिक्री के कई साक्ष्य मिले। इसके बाद आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें और किसी भी दलाल या अवैध एजेंट के झांसे में न आएं।

