Sunday, June 21, 2026

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गयाजी में साइबर गिरोह के 7 सदस्य गिरफ्तार:रुपयों का लालच देकर फर्जी अकाउंट खोलवाते थे, 8 लाख का अवैध ट्रांजैक्शन


गयाजी पुलिस ने साइबर गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 14 एटीएम कार्ड, 22 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, एक पासबुक, एक चेकबुक और 34,000 नगद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 10 लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर ‘म्यूल अकाउंट’ (फर्जी अकाउंट) खुलवाया था। महज कुछ ही समय में करीब ₹8,98,538 की अवैध ट्रांजैक्शन को अंजाम दे डाला।
फर्जी अकाउंट धारकों को हिरासत में लिया 20 जून को साइबर थाने को इनपुट मिला कि कुछ बैंक खातों में संदिग्ध रूप से भारी ट्रांजैक्शन हो रहा है। डीएसपी सह साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में जब टीम ने खातों की पड़ताल की तो परतें खुलती चली गईं। सबसे पहले पुलिस ने ‘म्यूल अकाउंट’ धारकों को हिरासत में लिया जिनकी निशानदेही पर गया के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के धर्मशी निवासी रॉकी कुमार को गिरफ्तार किया गया।
​पूछताछ में रॉकी ने बतातया कि वह लोगों को पैसों का लालच देकर सिम और खाते जुटाता था। उसने ऐसे 6 खाते परैया के कमलदाह निवासी अभिषेक पासवान को सौंपे थे, जिसके एवज में अभिषेक ने उसे प्रति खाता ₹5,000 दिए थे। पुलिस ने जब अभिषेक के घर दबिश दी, तो वहां से 34,000 कैश मिला। अभिषेक ने खुलासा किया कि उसने ये सभी खाते औरंगाबाद के रफीगंज निवासी अंकित कुमार को 7,000 प्रति खाते के हिसाब से बेचे थे। रफीगंज पुलिस के सहयोग से जब अंकित के ठिकाने पर छापेमारी की गई तो वहां से साइबर अपराध की पूरी टूलकिट (14 एटीएम और 22 सिम) बरामद हुई।
​NCRP पोर्टल ने खोले राज, देश भर से जुड़ी थीं कड़ियां ​पुलिस की इस टेक्निकल तफ्तीश में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की भूमिका बेहद अहम रही। पोर्टल की जांच से पता चला कि पकड़े गए अन्य आरोपियों कंजित पासवान का बेटा गौतम कुमार, निखिल कुमार, वेद प्रकार शर्मा का बेटा गौतम कुमार और आकाश कुमार के खातों पर पहले से ही साइबर ठगी की कई शिकायतें दर्ज थीं। ये आरोपी ठगी की रकम को तुरंत इन खातों में मंगवाते थे और एटीएम के जरिए कैश निकालकर या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर गायब कर देते थे। ​ मास्टरमाइंड अंकित का पुराना आपराधिक इतिहास ​गिरोह का मुख्य मोहरा अंकित कुमार पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह नालंदा जिले के नूरसराय थाना कांड संख्या 487/23 में भी नामजद अभियुक्त है। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय ठगों से कहां तक जुड़े हैं।
​ अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही साइबर थाना डीएसपी रहमान दानिश ने बताया कि कांड संख्या 91/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें, अन्यथा वे अनजाने में बड़े अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।

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