मुख्य बातें:
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Highest Rainfall Bihar: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले ने एक बार फिर सूबे में सबसे अधिक वर्षा संधारित करने का अपना पुराना विधिक रिकॉर्ड दोहराया है. भारत मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी ताजा लाइव बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद सीमावर्ती कस्बा गलगलिया पूरे बिहार का ‘रेन कैपिटल’ (वर्षा की राजधानी) बनकर उभरा है. जहां राज्य के अन्य जिलों के कली-मजदूर और आम नागरिक तीखी धूप और उमस से तरस रहे हैं, वहीं किशनगंज प्रक्षेत्र में मानसून ने ऐसी दमदार कमान दिखाई है कि औसतन दैनिक वर्षा सामान्य से 283 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है.
ठाकुरगंज और तैयबपुर में भी झमाझम; नदियों-नालों का बढ़ा जलस्तर
जिले में हुई भारी वर्षा और प्रखंडवार आंकड़ों की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. गलगलिया में रिकॉर्ड 110.8 मिमी बारिश के साथ-साथ ठाकुरगंज प्रक्षेत्र में 72.4 मिमी, तैयबपुर में 64.6 मिमी, चरघरिया में 55.6 मिमी, कोचाधामन में 45.2 मिमी तथा किशनगंज मुख्य शहर में 38.4 मिमी वर्षा संधारित की गई है.
इस मूसलाधार बारिश के चलते स्थानीय कनिष्ठ नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है. खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से प्रक्षेत्र के देहाती इलाकों में धान की रोपनी की विधिक तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज हो गई हैं, जिससे कली-मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की सुचारू राह मिली है.
Highest Rainfall Bihar: अर्राबाड़ी में सबसे कम तापमान, भभुआ 42.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म
“इस मानसूनी बारिश का सीधा असर प्रक्षेत्र के तापमान पर दिखाई दिया है. 19 जून की सुबह तक राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान किशनगंज के अर्राबाड़ी में 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे प्रक्षेत्र में कड़ाके की ठंडक महसूस की गई. इसके विपरीत, दक्षिण बिहार के कैमूर जिले का भभुआ प्रक्षेत्र 42.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ झुलसती गर्मी की विसंगति से जूझता रहा.”
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सूबे में 41% वर्षा की कमी; सीमांचल में बनी रहेगी मानसून की मुस्तैदी
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, पूरे बिहार स्तर पर मानसून की कमान अभी भी सामान्य से पीछे चल रही है. राज्य में अब तक महज 44.3 मिमी संचयी वर्षा दर्ज हुई है, जबकि विधिक रूप से इस अवधि में 75.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी—यानी सूबे में अब भी 41 प्रतिशत पानी की भारी कमी बनी हुई है.
मौसम कप्तानों ने पूर्वानुमान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी सीमांचल प्रक्षेत्र में बादलों की यह मुस्तैद सक्रियता लगातार बनी रहेगी. इस लाइव अपडेट से ठाकुरगंज और गलगलिया के किसानों व प्रबुद्ध नागरिकों के चेहरे खिले हुए हैं और प्रक्षेत्र में खेती की विसंगतियां सुचारू रूप से दूर होने की उम्मीद जगी है.

