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गिरिडीह कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और कॉलेज प्रशासन से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्र मोर्चा के सदस्यों ने कॉलेज परिसर में बेहतर शैक्षणिक माहौल की मांग की है। उन्होंने कॉलेज को राजनीति का अखाड़ा बनाने का आरोप भी लगाया। संगठन ने अपनी पांच सूत्री मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई मांगी है। झारखंड छात्र मोर्चा की प्रमुख मांगों में शैक्षणिक सत्र का समय पर संचालन कराना शामिल है। संगठन के अभय कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और कॉलेज में नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां चलनी चाहिए। इसके अलावा, प्रोफेसर विनिता कुमारी से राजनीति से दूर रहकर शिक्षण कार्य करने की मांग की गई है। छात्र मोर्चा ने जेल गए प्रोफेसर सतीश यादव की जगह वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था करने की भी मांग रखी है। इससे संबंधित विषयों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और विद्यार्थियों को परेशानी नहीं होगी। साथ ही, पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार के कार्यकाल में हुई कथित अवैध निकासी की जांच कराने की मांग भी संगठन ने की है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी पांच सूत्री मांगों में शामिल है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि गिरिडीह कॉलेज में कथित फर्जी निकासी की जांच और प्रोफेसर एमएन सिंह को हटाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के दो छात्र नेता पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सातवें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया था। अब झारखंड छात्र मोर्चा के अनिश्चितकालीन धरने से कॉलेज में छात्र संगठनों का आंदोलन और तेज हो गया है। संगठन ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय के समक्ष छात्रों की मांगों पर कार्रवाई करने की चुनौती बढ़ गई है।
गिरिडीह कॉलेज में झारखंड छात्र मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना शुरू:5 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, ABVP की भूख हड़ताल भी जारी

