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गिरिडीह नगर निगम ने सोमवार को शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। सहायक नगर आयुक्त अशोक हांसदा के नेतृत्व में यह अभियान अंबेडकर चौक से शुरू होकर जेपी चौक, कचहरी चौक होते हुए कालीबाड़ी चौक तक चला। इस दौरान सड़क किनारे और मुख्य मार्ग पर दुकान लगाने वाले फुटपाथी दुकानदारों और ठेला-खोमचा संचालकों को हटाया गया। अभियान के तहत कई अस्थायी शेड ध्वस्त किए गए और ठेला-खोमचा सहित अन्य सामान जब्त कर लिया गया। निगम अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वालों को कड़ी चेतावनी दी कि दोबारा ऐसा करने पर जुर्माना लगाया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों में अफरातफरी का माहौल देखा गया और वे अपना सामान समेटते नजर आए। जिन दुकानदारों ने खुद से अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके विरुद्ध बलपूर्वक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई को लेकर फुटपाथी दुकानदारों ने नाराजगी व्यक्त की। दुकानदार मोहम्मद सोनू और विजय दास ने आरोप लगाया कि नगर निगम उनसे प्रतिदिन 20 रुपए शुल्क वसूलता है, इसके बावजूद उन्हें बार-बार हटाया जाता है। उन्होंने कहा कि निगम न तो उनके लिए कोई स्थायी व्यवस्था कर रहा है और न ही उन्हें सड़क किनारे दुकान लगाकर आजीविका चलाने दे रहा है। दुकानदारों ने मांग की कि यदि नगर निगम उन्हें एक निर्धारित स्थान उपलब्ध करा दे, तो वे व्यवस्थित रूप से अपना व्यवसाय कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले डॉक्टर्स गली स्थित सब्जी मंडी में छोटे दुकानदारों को जगह दी गई थी, लेकिन अब वहां बड़े थोक व्यापारियों का कब्जा हो गया है, जिससे छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों को दो दिन पहले ही चेतावनी दी गई थी वहीं, सहायक नगर आयुक्त अशोक हांसदा ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर अंबेडकर चौक से कालीबाड़ी चौक तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के कारण अक्सर यातायात जाम की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने यह भी बताया कि दुकानदारों को दो दिन पहले ही चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद सोमवार को अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। हांसदा ने कहा कि फुटपाथी दुकानदारों के लिए जल्द ही स्थायी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। इधर, भाजयुमो नगर उपाध्यक्ष विवेक गुप्ता ने निगम की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि शहर के बस स्टैंड रोड, स्टेशन रोड, बड़ा चौक और गांधी चौक सहित अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ चुनिंदा स्थानों पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदार किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई उनके रोजगार पर प्रतिकूल असर डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निगम ने संतुलित और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की, तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अभियान के दौरान नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ नगर थाना पुलिस की टीम भी मौजूद रही।


