गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के महारायडीह गांव में एक शादी समारोह के दौरान छज्जा और रेलिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना शमशेर आलम की बेटी की शादी के दौरान हुई, जब जमुआ प्रखंड के धोथो गांव से बारात महारायडीह पहुंची थी। शादी से पहले ‘दुआर लगाई’ की पारंपरिक रस्म चल रही थी, जिसमें बड़ी संख्या में बाराती, सराती और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। रस्म देखने के लिए लोग कार्यक्रम स्थल के गेट, छज्जे और रेलिंग के पास जमा हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ बढ़ने के साथ ही कई लोग बेहतर दृश्य के लिए छज्जे और रेलिंग पर चढ़ गए, जिससे उन पर अत्यधिक दबाव पड़ गया। लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े इसी दौरान अचानक छज्जे और रेलिंग का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ टूटकर नीचे गिर गया। इसके गिरते ही वहां मौजूद लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और नीचे खड़ी महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे शामिल हादसे में बाराती और ग्रामीणों सहित करीब 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे शामिल हैं। 6 गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज गिरिडीह और धनबाद के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में हीरोडीह थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस मामले में अंचलाधिकारी श्याम लाल मांझी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अधिक भीड़ और छज्जे-रेलिंग की कमजोर संरचना के कारण यह हादसा हुआ। वहीं, पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण में कोई लापरवाही तो नहीं हुई थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं कुछ ही पलों में पूरा माहौल गम और आंसुओं में बदल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
गिरिडीह में शादी समारोह में छज्जा गिरने से हादसा:2 दर्जन से अधिक लाेग हुए घायल, 6 की हालत गंभीर; प्रशासन जांच में जुटा
गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के महारायडीह गांव में एक शादी समारोह के दौरान छज्जा और रेलिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना शमशेर आलम की बेटी की शादी के दौरान हुई, जब जमुआ प्रखंड के धोथो गांव से बारात महारायडीह पहुंची थी। शादी से पहले ‘दुआर लगाई’ की पारंपरिक रस्म चल रही थी, जिसमें बड़ी संख्या में बाराती, सराती और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। रस्म देखने के लिए लोग कार्यक्रम स्थल के गेट, छज्जे और रेलिंग के पास जमा हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ बढ़ने के साथ ही कई लोग बेहतर दृश्य के लिए छज्जे और रेलिंग पर चढ़ गए, जिससे उन पर अत्यधिक दबाव पड़ गया। लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े इसी दौरान अचानक छज्जे और रेलिंग का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ टूटकर नीचे गिर गया। इसके गिरते ही वहां मौजूद लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और नीचे खड़ी महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे शामिल हादसे में बाराती और ग्रामीणों सहित करीब 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे शामिल हैं। 6 गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज गिरिडीह और धनबाद के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में हीरोडीह थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस मामले में अंचलाधिकारी श्याम लाल मांझी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अधिक भीड़ और छज्जे-रेलिंग की कमजोर संरचना के कारण यह हादसा हुआ। वहीं, पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण में कोई लापरवाही तो नहीं हुई थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं कुछ ही पलों में पूरा माहौल गम और आंसुओं में बदल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।

