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लखीसराय में श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों की अनदेखी हो रही है। मालवाहक वाहनों को मॉडिफाई कर श्रद्धालुओं के परिवहन पर रोक के बावजूद, ऐसे वाहन राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक कांवरियों को बैठाकर बाबा धाम की यात्रा कराई जा रही है, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। राज्य के विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालु इन्हीं मॉडिफाई किए गए मालवाहक वाहनों में सवार होकर बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहे हैं। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी कई वाहनों में बांस-बल्लियों से अस्थायी दो मंजिला ढांचा बनाया गया है, जिसमें ऊपर और नीचे दोनों हिस्सों में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को बैठाया जा रहा है। इन वाहनों में पर्याप्त रेलिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है। श्रावणी मेला शुरू होने से पहले, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी मालवाहक वाहन का उपयोग श्रद्धालुओं के परिवहन के लिए मॉडिफाई करके नहीं किया जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद, शहर की सड़कों पर ऐसे वाहन खुलेआम चल रहे हैं। किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि होने की आशंका चिंताजनक बात यह है कि विद्यापीठ चौक और रेलवे पुल के पास स्थित ट्रैफिक थाना चेक पोस्ट से भी ओवरलोड और मॉडिफाई वाहन बिना किसी प्रभावी जांच के गुजर रहे हैं। इससे प्रशासनिक निगरानी और यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि हो सकती है। यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, मालवाहक वाहनों में यात्रियों का परिवहन मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस से ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

