गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत अतकी पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर गणेश महतो की गुजरात के राजकोट स्थित एक फैक्ट्री में काम के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान सहदेव महतो के पुत्र गणेश महतो के रूप में हुई है। बताया जाता है कि गणेश महतो करीब आठ माह पहले रोजगार की तलाश में राजकोट गए थे, जहां वे अतुल लिमिटेड कंपनी की एक कपड़ा फैक्ट्री में कार्यरत थे। 16 मई को काम के दौरान अचानक उनकी मौत हो गई। फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना की सूचना परिजनों को दी। पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल गणेश महतो अपने पीछे पत्नी दुलिया देवी, पुत्र राजेंद्र महतो, पुत्रियां अनिता कुमारी, यशोदा कुमारी और गुड़िया कुमारी को छोड़ गए हैं। इसके अलावा उनके माता-पिता सहदेव महतो और भीखनी देवी तथा बहन सुनीता कुमारी भी हैं। परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य खो जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी बड़े पुत्र राजेंद्र महतो के कंधों पर आ गई है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक श्रीवास्तव और अतकी के मुखिया ईश्वर हेंब्रम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की जानकारी गिरिडीह लोकसभा सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी को दी गई है। सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजकोट के सांसद से संपर्क किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद व उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
गुजरात में गिरिडीह के मजदूर की मौत:आठ माह पहले कमाने गया था, काम के दौरान गई जान, पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत अतकी पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर गणेश महतो की गुजरात के राजकोट स्थित एक फैक्ट्री में काम के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान सहदेव महतो के पुत्र गणेश महतो के रूप में हुई है। बताया जाता है कि गणेश महतो करीब आठ माह पहले रोजगार की तलाश में राजकोट गए थे, जहां वे अतुल लिमिटेड कंपनी की एक कपड़ा फैक्ट्री में कार्यरत थे। 16 मई को काम के दौरान अचानक उनकी मौत हो गई। फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना की सूचना परिजनों को दी। पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल गणेश महतो अपने पीछे पत्नी दुलिया देवी, पुत्र राजेंद्र महतो, पुत्रियां अनिता कुमारी, यशोदा कुमारी और गुड़िया कुमारी को छोड़ गए हैं। इसके अलावा उनके माता-पिता सहदेव महतो और भीखनी देवी तथा बहन सुनीता कुमारी भी हैं। परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य खो जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी बड़े पुत्र राजेंद्र महतो के कंधों पर आ गई है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीपक श्रीवास्तव और अतकी के मुखिया ईश्वर हेंब्रम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की जानकारी गिरिडीह लोकसभा सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी को दी गई है। सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजकोट के सांसद से संपर्क किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद व उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
