भास्कर न्यूज| चाईबासा जिले के सुदूरवर्ती और नेटवर्क शैडो क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के उद्देश्य से जिला समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनोहरपुर विधायक जगत माझी, उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू, चारों वन प्रमंडल पदाधिकारी (सारंडा, पोड़ाहाट, चाईबासा, कोल्हान) तथा जियो, बीएसएनएल व एयरटेल के प्रतिनिधि शामिल हुए। विधायक जगत माझी ने कहा कि गुदड़ी और बंदगांव के गांवों में लंबे समय से नेटवर्क की समस्या रही है। क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में कमी आने से विकास का माहौल बना है। ऐसे में सुदूर गांवों तक डिजिटल नेटवर्क पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में नेटवर्क शैडो एरिया को पूरी तरह समाप्त करने के लिए चार-चरणीय कार्ययोजना तय की गई। इसमें बंदगांव व गुदड़ी क्षेत्र में नेटवर्क बढ़ाने का काम होगा। अगले 90 दिनों में जंगल इलाके में इंटरनेट सेवा शुरू करने का निर्देश दिया गया। पहले चरण में नेटवर्क शैडो क्षेत्रों का तकनीकी व स्थलीय सर्वेक्षण होगा। मैपिंग होगी। इसके बाद नेटवर्क कवरेज के लिए उपयुक्त टावर स्थलों का चयन होगा। वन विभागीय प्रमाण-पत्र, अनापत्ति प्रमाण-पत्र, अन्य कानूनी स्वीकृतियों के बाद टावर स्थापना होगी। उपकरण फिटिंग होगी। नेटवर्क टेस्टिंग होगी। उपायुक्त मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि सुदूर ग्रामीण और वनवर्ती क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मजबूत संचार ढांचा जरूरी है। इससे ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल सरकारी योजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की सीधी पहुंच मिलेगी। वन क्षेत्रों में टावर लगाने के लिए वन प्रमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ त्वरित गति से पूरा करें, ताकि प्रोजेक्ट में कोई अनावश्यक देरी न हो। की समयसीमा में अधिकतम नेटवर्क शैडो एरिया को कवर करें। एसपी अमित रेनू ने बताया कि सुदूर इलाकों में मोबाइल नेटवर्क बहाल होने से सुरक्षा और आपातकालीन संचार प्रणाली को मजबूती मिलेगी। इससे पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच त्वरित सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय अधिक प्रभावी हो सकेगा। उपायुक्त ने सभी दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिया कि वे कार्ययोजना की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन को सौंपें।
