Friday, July 3, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

गैस-ईंधन की आपूर्ति सामान्य, कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश:औरंगाबाद में आवश्यक सेवाओं की समीक्षा, जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी दल का गठन


औरंगाबाद में आज कलेक्ट्रेट स्थित योजना भवन सभाकक्ष में मगध प्रमंडल आयुक्त सफीना ए.एन. की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिले में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान एलपीजी गैस की उपलब्धता, बुकिंग के अनुरूप आपूर्ति, जिला नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली, पेट्रोल-डीजल की स्थिति, खाद्यान्न भंडारण, उर्वरकों की उपलब्धता और कालाबाजारी पर की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। कुल 4,88351 घरेलू गैस उपभोक्ता डीएम अभिलाषा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 37 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इनमें इंडेन (आईओसीएल) की 15 एजेंसियों के माध्यम से 98,518 कनेक्शन, बीपीसीएल की 11 एजेंसियों के माध्यम से 1,62,693 कनेक्शन और एचपीसीएल की 11 एजेंसियों के माध्यम से 2,27,140 कनेक्शन संचालित हैं। इस प्रकार जिले में कुल 4,88,351 एलपीजी कनेक्शन सक्रिय हैं। जिले में 10,312 गैस सिलेंडर का भंडार उपलब्ध है, जिससे आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर भी संतोष व्यक्त किया गया। जिले में कुल 113 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें आईओसीएल के 61, बीपीसीएल के 32, एचपीसीएल के 20 और रिलायंस के 2 पेट्रोल पंप शामिल हैं। सभी पंपों पर ईंधन की उपलब्धता सामान्य पाई गई है। 6 गैस एजेंसियों को घोषित किया गया अति संवेदनशील प्रशासन द्वारा आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। छह गैस एजेंसियों को अति संवेदनशील घोषित कर वहां होम डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। अब तक 96 छापेमारी और जांच अभियान चलाए जा चुके हैं।एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका संचालन अपर समाहर्ता के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से हासिल शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी दल का गठन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए जिले के 11 प्रखंडों और 6 नगर निकायों में विशेष छापेमारी दल गठित किए गए हैं। पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 11 व्यावसायिक संस्थानों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 3 में कनेक्शन स्थापित हो चुका है। आपदा प्रबंधन की तैयारी की भी की गई समीक्षा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिले में 628 पॉलिथिन शीट, 31 गोताखोर, 13 नाव, 9 लाइफ जैकेट सहित अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। इसके अलावा 50 मानव राहत शिविर और 33 पशु शरण स्थलों की पहचान की गई है। प्रवासी श्रमिकों के संबंध में जानकारी दी गई कि खाड़ी देशों में कार्यरत जिले के लगभग 1200 श्रमिक चिन्हित हैं। वर्तमान में बड़े पैमाने पर श्रमिकों के लौटने की कोई सूचना नहीं है और जिले की औद्योगिक इकाइयों पर भी युद्ध का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। खाद्यान्न की स्थिति पर बताया गया कि 30 मार्च 2026 तक जिले में 7105.11 क्विंटल गेहूं और 42,633.88 क्विंटल चावल उपलब्ध है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 26.89 प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। उर्वरकों की उपलब्धता भी संतोषजनक बताई गई। बैठक में उप डीडीसी अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता राम अनुग्रह सिंह, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles