गोपालगंज में सिविल कोर्ट के एडीजे 3 सह स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने मोकामा विधायक अन्नत सिंह समेत 9 लोगों को बेल दे दिया है। 9 नामजदों में से 7 लोगों का जमानत याचिका दायर हुआ था और सभी को बेल मिल गया है। वहीं दो जुबेनाइल था। कोर्ट ने बचाव और अभियोजन पक्ष के दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला लिया गया। मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में हुए अश्लील डांस और हथियार लहराने से जुड़ा है। यह विवाद मई 2026 की शुरुआत में सामने आया था, जब सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में नर्तकी के डांस के बीच कुछ लोग एके-पैटर्न जैसे प्रतिबंधित और अन्य लाइसेंसी हथियार लहराते और नोट उड़ाते दिखे थे। इस मामले में मोकामा के बाहुबली नेता और जदयू विधायक अनंत सिंह, गायक गुंजन सिंह समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। अनंत सिंह समेत 9 लोगों पर FIR हुआ था दर्ज गोपालगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी कलाकार गुंजन सिंह और कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय सहित 9 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए राहत दी थी। बचाव पक्ष के वकील राजेश पाठक ने तर्क दिया था कि यह वीडियो राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसे ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ या एडिटिंग टूल्स के जरिए तैयार किया गया है, क्योंकि अनंत सिंह के हाथ में कोई हथियार नहीं था। CID के जांच रिपोर्ट के आधार पर हुआ फैसला मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी है। आज की सुनवाई में सीआईडी की जांच रिपोर्ट, वीडियो की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच की प्रगति पर चर्चा हो सकती है। कोर्ट के रुख से यह साफ हो जाएगा कि आरोपियों को आगे राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी।
गोपालगंज में अनंत सिंह समेत 9 लोगों को मिला बेल:एडीजे कोर्ट ने CID की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया फैसला, अश्लील डांस-हथियार वायरल वीडियो मामला
गोपालगंज में सिविल कोर्ट के एडीजे 3 सह स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने मोकामा विधायक अन्नत सिंह समेत 9 लोगों को बेल दे दिया है। 9 नामजदों में से 7 लोगों का जमानत याचिका दायर हुआ था और सभी को बेल मिल गया है। वहीं दो जुबेनाइल था। कोर्ट ने बचाव और अभियोजन पक्ष के दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला लिया गया। मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में हुए अश्लील डांस और हथियार लहराने से जुड़ा है। यह विवाद मई 2026 की शुरुआत में सामने आया था, जब सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में नर्तकी के डांस के बीच कुछ लोग एके-पैटर्न जैसे प्रतिबंधित और अन्य लाइसेंसी हथियार लहराते और नोट उड़ाते दिखे थे। इस मामले में मोकामा के बाहुबली नेता और जदयू विधायक अनंत सिंह, गायक गुंजन सिंह समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। अनंत सिंह समेत 9 लोगों पर FIR हुआ था दर्ज गोपालगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी कलाकार गुंजन सिंह और कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय सहित 9 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए राहत दी थी। बचाव पक्ष के वकील राजेश पाठक ने तर्क दिया था कि यह वीडियो राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसे ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ या एडिटिंग टूल्स के जरिए तैयार किया गया है, क्योंकि अनंत सिंह के हाथ में कोई हथियार नहीं था। CID के जांच रिपोर्ट के आधार पर हुआ फैसला मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी है। आज की सुनवाई में सीआईडी की जांच रिपोर्ट, वीडियो की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच की प्रगति पर चर्चा हो सकती है। कोर्ट के रुख से यह साफ हो जाएगा कि आरोपियों को आगे राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी।


