Saturday, May 9, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

घाघरा में केंद्रीय महावीर मंडल की बैठक में नई कमेटी का गठन, अनिरुद्ध बने अध्यक्ष


भास्कर न्यूज|​घाघरा रामनवमी पर्व के सफल और भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को स्थानीय हाई स्कूल मैदान में केंद्रीय महावीर मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से पुरानी कमेटी को भंग कर आगामी सत्र के लिए नई कार्यकारिणी का चयन किया गया, जिसमें अनिरुद्ध चौबे को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। ​बैठक के दौरान संगठन को मजबूती देने और उत्सव को सुव्यवस्थित ढंग से मनाने के लिए विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की घोषणा की गई। नई कमेटी में ​उपाध्यक्ष: विजय कुमार साहू, दीपक गुप्ता, संतोष गुप्ता और सुसित गोस्वामी, ​सचिव: अमित कुमार ठाकुर,​कोषाध्यक्ष: मुकेश महापात्रा,​सह कोषाध्यक्ष: आशीष कुमार सोनी, ​मंत्री: प्रवीण सिंह, निखिल गुप्ता, नीरज कुमार साहू, मुकेश अग्रवाल और पवन कुमार महली।नवनियुक्त अध्यक्ष अनिरुद्ध चौबे ने पदभार ग्रहण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष घाघरा में रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य होगा। ​बैठक में क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने अपने विचार साझा किए और अनुशासन के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनोज महापात्र, राजू सिंह तोमर, मोहरचंद्र सिंह, रोहित सिंह, मुकेश सिंह, पवन साहू, कुश साहू, सुरेश महतो सहित भारी संख्या में महावीर मंडल के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। ​कमेटी के गठन के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। बैठक के अंत में सभी ने जय श्री राम के जयघोष के साथ तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। ​भास्कर न्यूज|गुमला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), जिला प्रशासन और लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार को गुमला प्रखंड कार्यालय से ””बाल विवाह मुक्ति रथ”” को डालसा सचिव राम कुमार लाल गुप्ता एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (वीडिओ) अशोक चोपड़ा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ​​मौके पर डालसा सचिव ने कहा कि बाल विवाह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट कियाउम्र की सीमा: 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों की शादी करना कानूनी अपराध है। बाल विवाह करने या बढ़ावा देने पर 2 वर्ष की कैद और 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। ​असर: इससे बच्चों की शिक्षा रुक जाती है और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। ​बीडीओ अशोक चोपड़ा ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है। उन्होंने जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की कम उम्र में शादी करने के बजाय उनकी बेहतर शिक्षा पर ध्यान दें, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य पा सकें। सभी प्रखंडों में घूमेगा रथ ​संस्थान के जिला समन्वयक मिथिलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि यह जागरूकता रथ 7 मार्च से अभियान पर है। भरनो, सिसई और घाघरा का भ्रमण करने के बाद अब यह गुमला प्रखंड पहुंचा है। यह रथ प्रखंड के थानों, पंचायत सचिवालयों और हाट-बाजारों में जाकर लोगों को जागरूक करेगा।भ्रमण के दौरान नुक्कड़ चर्चा के साथ-साथ हस्ताक्षर अभियान और शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।इस अवसर पर एलएडीसीएस डी.एन. ओहदार, बंदेश्वर गोप, इंदु पांडे, जितेंद्र सिंह, सुधीर कुमार पांडे, जया सेन गुप्त, कमला देवी, प्रकाश पांडे, पीएलवी नीलम लकड़ा सहित कई थे।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles