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घाटशिला में 15 अक्टूबर से ऑनलाइन पेमेंट (यूपीआई पेमेंट) पर अतिरिक्त शुल्क (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू होने से पहले ही कुछ व्यवसायियों और पेट्रोल पंप संचालकों ने डिजिटल भुगतान स्वीकार करने से इनकार करना शुरू कर दिया है। कई पेट्रोल पंपों और प्रमुख दुकानों के बाहर ‘नो यूपीआई’ और ‘केवल नकद भुगतान’ के पर्चे व स्टिकर लगाए गए हैं। डिजिटल भुगतान की सुविधा बंद होने से वाहन चालकों और ग्राहकों को परेशानी हो रही है। पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने के बाद ग्राहक जब मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें नकद देने को कहा जा रहा है। कैश में भुगतान करने का निवेदन
फिलहाल कैश और ऑनलाइन दोनों तरह से भुगतान लिया जा रहा है। ग्राहकों से असुविधा से बचने के लिए कैश साथ रखने और उसी से भुगतान करने का निवेदन किया जा रहा है।-बीएन पाल, संचालक, एचपी पेट्रोल पंप, सालबनी कैश में भुगतान करने का प्रयास करें
ऑनलाइन और कैश दोनों तरह से तेल की बिक्री जारी है। ग्राहकों से आग्रह किया जा रहा है कि असुविधा से बचने के लिए वे कैश में भुगतान करने का प्रयास करें। -पवन अग्रवाल, शाकुंभरी फ्यूल सेंटर, घाटशिला
घाटशिला में पेट्रोल पंपों-दुकानों पर नो यूपीआई:यूपीआई पर 15 अक्टूबर से मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने से पहले ही कैश पर जोर
