चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के ढहूं गांव में शनिवार देर रात एक जंगली हाथी के घुस आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना रात करीब 1 बजे की है, जब गांव के अधिकांश लोग अपने घरों के बाहर या छतों पर सो रहे थे। तभी अचानक चिंघाड़ते हुए एक हाथी बस्ती में दाखिल हो गया। हाथी को देखते ही ग्रामीणों में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन हाथी ने गांव में जमकर उत्पात मचाया। कई घरों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी काफी देर तक बस्ती में घूमता रहा। तीन घरों के शटर उखाड़े, घर में रखे चावल खाया हाथी ने सीधे रिहायशी इलाके को निशाना बनाते हुए लीलू महतो, राजेंद्र महतो और नामधारी महतो के घरों व दुकानों के लोहे के मजबूत शटर उखाड़ फेंके। इसके बाद हाथी ने दो अन्य घरों की खिड़कियां तोड़ दीं। अंदर रखा क्विंटल चावल निकालकर खा गया। घटना के बाद कई घरों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी काफी आक्रामक था। किसी भी समय बड़ी घटना हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित रखा। इस दौरान गांव के लोग पूरी तरह असहाय नजर आए और मदद के लिए इधर-उधर संपर्क करने की कोशिश करते रहे। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि हाथियों को खदेड़ने के लिए विभाग ने लाखों रुपए खर्च कर विशेष प्रशिक्षित टीम तैयार की है, लेकिन घटना के समय यह टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीण दीपक कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि चार स्थानीय युवकों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है, लेकिन वे सिर्फ मानदेय लेने तक सीमित हैं। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद क्विक रिस्पांस टीम ने आने से मना कर दिया। वहीं वन क्षेत्र समिति के अध्यक्ष पर भी संवेदनहीन रवैये का आरोप लगाया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों को पद से हटाने और हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
चतरा के ढहूं गांव में घुसा हाथी:तीन घरों के शटर तोड़े, घर में रखे चावल खा गया, खेत में लगी फसल को रौंदा
चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के ढहूं गांव में शनिवार देर रात एक जंगली हाथी के घुस आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना रात करीब 1 बजे की है, जब गांव के अधिकांश लोग अपने घरों के बाहर या छतों पर सो रहे थे। तभी अचानक चिंघाड़ते हुए एक हाथी बस्ती में दाखिल हो गया। हाथी को देखते ही ग्रामीणों में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन हाथी ने गांव में जमकर उत्पात मचाया। कई घरों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी काफी देर तक बस्ती में घूमता रहा। तीन घरों के शटर उखाड़े, घर में रखे चावल खाया हाथी ने सीधे रिहायशी इलाके को निशाना बनाते हुए लीलू महतो, राजेंद्र महतो और नामधारी महतो के घरों व दुकानों के लोहे के मजबूत शटर उखाड़ फेंके। इसके बाद हाथी ने दो अन्य घरों की खिड़कियां तोड़ दीं। अंदर रखा क्विंटल चावल निकालकर खा गया। घटना के बाद कई घरों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी काफी आक्रामक था। किसी भी समय बड़ी घटना हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित रखा। इस दौरान गांव के लोग पूरी तरह असहाय नजर आए और मदद के लिए इधर-उधर संपर्क करने की कोशिश करते रहे। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि हाथियों को खदेड़ने के लिए विभाग ने लाखों रुपए खर्च कर विशेष प्रशिक्षित टीम तैयार की है, लेकिन घटना के समय यह टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीण दीपक कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि चार स्थानीय युवकों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है, लेकिन वे सिर्फ मानदेय लेने तक सीमित हैं। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद क्विक रिस्पांस टीम ने आने से मना कर दिया। वहीं वन क्षेत्र समिति के अध्यक्ष पर भी संवेदनहीन रवैये का आरोप लगाया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों को पद से हटाने और हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।


