चतरा जिले के ऊंटा गांव में मंगलवार सुबह एक महिला की बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना सदर थाना क्षेत्र में हुई, जहां 45 वर्षीय महिला खेत में काम करने के बाद दतवन तोड़ने गई थीं। मृतक महिला की पहचान मीणा देवी (पति- नागेश्वर रजक) के रूप में हुई है। वह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खेत में काम कर रही थीं। काम खत्म होने के बाद वह अमरूद के पेड़ के पास दतवन तोड़ने गईं, तभी पोल से नीचे झूल रहे बिजली के नंगे तार की चपेट में आ गईं। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण मीणा देवी को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जब तक ग्रामीण उन्हें बचाने पहुंचे, तब तक उनकी जान जा चुकी थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। मृतका के दामाद विजय रजक ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नंगा तार लंबे समय से नीचे लटक रहा था, जिसकी जानकारी विभाग को थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। एसडीओ सत्यदेव ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह जांच का विषय है कि मौत 11 हजार वोल्ट के तार से हुई है, सर्विस वायर से या फिर अवैध तरीके से खींचे गए तार (टोका) से। एसडीओ ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर अवैध तार से करंट लगने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि घटनास्थल पर मिस्त्री भेजकर निरीक्षण कराया जा रहा है। यदि जांच और गठित कमेटी की रिपोर्ट में विभागीय तार से मौत की पुष्टि होती है, तो सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा अवश्य दिया जाएगा। घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
चतरा में करंट से महिला की मौत:परिजन आक्रोशित, विभाग पर लापरवाही का आरोप, एसडीओ ने जताई अवैध कनेक्शन की आशंका
चतरा जिले के ऊंटा गांव में मंगलवार सुबह एक महिला की बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना सदर थाना क्षेत्र में हुई, जहां 45 वर्षीय महिला खेत में काम करने के बाद दतवन तोड़ने गई थीं। मृतक महिला की पहचान मीणा देवी (पति- नागेश्वर रजक) के रूप में हुई है। वह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खेत में काम कर रही थीं। काम खत्म होने के बाद वह अमरूद के पेड़ के पास दतवन तोड़ने गईं, तभी पोल से नीचे झूल रहे बिजली के नंगे तार की चपेट में आ गईं। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण मीणा देवी को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जब तक ग्रामीण उन्हें बचाने पहुंचे, तब तक उनकी जान जा चुकी थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। मृतका के दामाद विजय रजक ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नंगा तार लंबे समय से नीचे लटक रहा था, जिसकी जानकारी विभाग को थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। एसडीओ सत्यदेव ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह जांच का विषय है कि मौत 11 हजार वोल्ट के तार से हुई है, सर्विस वायर से या फिर अवैध तरीके से खींचे गए तार (टोका) से। एसडीओ ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर अवैध तार से करंट लगने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि घटनास्थल पर मिस्त्री भेजकर निरीक्षण कराया जा रहा है। यदि जांच और गठित कमेटी की रिपोर्ट में विभागीय तार से मौत की पुष्टि होती है, तो सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा अवश्य दिया जाएगा। घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।


