झारखंड के चतरा जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। चतरा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ से मिली सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ के माध्यम से चतरा पुलिस अधीक्षक को राजपुर थाना क्षेत्र में एक शातिर साइबर अपराधी के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने किया। पुलिस की इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कलिया नावाडीह गांव निवासी सनोज सिंह (पिता- उमेश सिंह) को धर दबोचा। सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी सनोज सिंह पूर्व में एक सीएससी (CSC) सेंटर भी चलाया करता था। इसी सेंटर की आड़ में वह सीधे-सादे लोगों के निजी दस्तावेजों को चुपके से संग्रहित कर लेता था। बाद में वह इन दस्तावेजों का उपयोग कर अन्य साइबर अपराधियों को मदद पहुंचाता था। आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में कांड संख्या-50/2026 के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। छापामारी के दौरान पुलिस ने आरोपी से 4 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, कई बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम एवं डेबिट कार्ड, कई आधार कार्ड, एक ही नाम और अलग-अलग नंबर के कई वोटर आईडी कार्ड, कई जाली कागजात, एक कार और एक स्कूटी बरामद किया है।
चतरा में साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़:सीएससी सेंटर की आड़ में डेटा बेचने वाला मास्टरमाइंड साइबर अपराधी गिरफ्तार
झारखंड के चतरा जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। चतरा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ से मिली सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ के माध्यम से चतरा पुलिस अधीक्षक को राजपुर थाना क्षेत्र में एक शातिर साइबर अपराधी के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने किया। पुलिस की इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कलिया नावाडीह गांव निवासी सनोज सिंह (पिता- उमेश सिंह) को धर दबोचा। सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी सनोज सिंह पूर्व में एक सीएससी (CSC) सेंटर भी चलाया करता था। इसी सेंटर की आड़ में वह सीधे-सादे लोगों के निजी दस्तावेजों को चुपके से संग्रहित कर लेता था। बाद में वह इन दस्तावेजों का उपयोग कर अन्य साइबर अपराधियों को मदद पहुंचाता था। आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में कांड संख्या-50/2026 के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। छापामारी के दौरान पुलिस ने आरोपी से 4 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, कई बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम एवं डेबिट कार्ड, कई आधार कार्ड, एक ही नाम और अलग-अलग नंबर के कई वोटर आईडी कार्ड, कई जाली कागजात, एक कार और एक स्कूटी बरामद किया है।

