राज्य में सामने आए ट्रेजरी घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बोकारो और हजारीबाग के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा ट्रेजरी से भी फर्जी निकासी के प्रारंभिक सबूत मिले हैं। वित्त विभाग ने चाईबासा के उपायुक्त को निकासी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भेजकर मामले की गहन जांच कराने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार चाईबासा ट्रेजरी से करीब 5 करोड़ की अवैध निकासी की आशंका है। चाईबासा का मामला सामने आने के बाद ट्रेजरी घोटाले से जुड़े जिलों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। ट्रांसफर से रफ्तार धीमी, जल्द फिर पकड़ेगी गति हाल के दिनों में हुए तबादलों के कारण जांच की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। हालांकि, केस का प्रभार हस्तांतरण पूरा होते गति पकड़ने की संभावना है। अब हजारीबाग सीआईडी में पदस्थापित डीएसपी राजेश कुमार को केस का नया जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं, देवघर से आए डीएसपी वेंकटेश कुमार को सीआईडी थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के सबूत मिले, ‘रिवर्स कैश फ्लो’ पर SIT की नजर ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने जांच की दिशा बदल दी है। एसआईटी को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के सबूत मिल चुके हैं। अब सीआईडी यह जानकारी जुटा रही हैं कि जिन के बैंक खातों में अवैध रूप से वेतन की राशि ट्रांसफर की गई, उन्होंने नकदी निकालकर कितना हिस्सा लौटाया। जांच एजेंसी का मानना है कि इस ‘रिवर्स कैश फ्लो’ का पता चलते ही स्पष्ट हो जाएगा कि ट्रेजरी से निकाली गई राशि किस माध्यम से और किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई। 4 स्तरों पर हो रही जांच राज्य में ट्रेजरी घोटाले की जांच फिलहाल चार स्तर पर चल रही है। अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति काम कर रही है। वहीं मामले के आपराधिक पहलुओं की जांच सीआईडी कर रही है। इसके अलावा महालेखाकार (एजी) से विशेष ऑडिट कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। ईडी भी जांच शुरू कर चुका है।
चाईबासा ट्रेजरी में भी पांच करोड़ की अवैध निकासी
राज्य में सामने आए ट्रेजरी घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बोकारो और हजारीबाग के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा ट्रेजरी से भी फर्जी निकासी के प्रारंभिक सबूत मिले हैं। वित्त विभाग ने चाईबासा के उपायुक्त को निकासी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भेजकर मामले की गहन जांच कराने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार चाईबासा ट्रेजरी से करीब 5 करोड़ की अवैध निकासी की आशंका है। चाईबासा का मामला सामने आने के बाद ट्रेजरी घोटाले से जुड़े जिलों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। ट्रांसफर से रफ्तार धीमी, जल्द फिर पकड़ेगी गति हाल के दिनों में हुए तबादलों के कारण जांच की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। हालांकि, केस का प्रभार हस्तांतरण पूरा होते गति पकड़ने की संभावना है। अब हजारीबाग सीआईडी में पदस्थापित डीएसपी राजेश कुमार को केस का नया जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं, देवघर से आए डीएसपी वेंकटेश कुमार को सीआईडी थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के सबूत मिले, ‘रिवर्स कैश फ्लो’ पर SIT की नजर ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने जांच की दिशा बदल दी है। एसआईटी को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के सबूत मिल चुके हैं। अब सीआईडी यह जानकारी जुटा रही हैं कि जिन के बैंक खातों में अवैध रूप से वेतन की राशि ट्रांसफर की गई, उन्होंने नकदी निकालकर कितना हिस्सा लौटाया। जांच एजेंसी का मानना है कि इस ‘रिवर्स कैश फ्लो’ का पता चलते ही स्पष्ट हो जाएगा कि ट्रेजरी से निकाली गई राशि किस माध्यम से और किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई। 4 स्तरों पर हो रही जांच राज्य में ट्रेजरी घोटाले की जांच फिलहाल चार स्तर पर चल रही है। अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति काम कर रही है। वहीं मामले के आपराधिक पहलुओं की जांच सीआईडी कर रही है। इसके अलावा महालेखाकार (एजी) से विशेष ऑडिट कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। ईडी भी जांच शुरू कर चुका है।

