पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र की हरिजन बस्ती में 26 वर्षीय मनीषा मुखी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार देर शाम की है। बुधवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा के सदर अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मनीषा मुखी पिछले डेढ़ से दो माह से अपने परिवार से अलग किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थीं। उनके पति गुरुवा मुखी ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें वापस लाने का प्रयास किया। गुरुवा ने इस संबंध में सदर थाना में लिखित आवेदन भी दिया था। थाना में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद मंगलवार को ही गुरुवा अपनी पत्नी को घर वापस लाए थे। पति गुरुवा मुखी ने बताया कि घर लौटने के बाद मनीषा परेशान दिख रही थीं। घटना से कुछ समय पहले मनीषा ने ही उन्हें बाजार जाने के लिए कहा। उन्होंने अपना एटीएम कार्ड देते हुए कहा कि पैसे निकाल कर बच्चों के लिए कुछ खाने-पीने का सामान लेते आएं। गुरुवा मुखी के अनुसार, जब वह बाजार में थे, तभी पड़ोसियों ने फोन पर उन्हें घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह घर पहुंचे। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से मनीषा को तत्काल नोवामुंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनीषा और गुरुवा मुखी की शादी करीब दस वर्ष पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। पति ने बताया कि बच्चों की खातिर उन्होंने पत्नी को समझाकर घर वापस लाने का प्रयास किया था। हालांकि, घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद मनीषा ने दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चाईबासा में विवाहिता ने लगाई फांसी, मौत:दो माह से रह रही थी परिवार से अलग, घर लौटने के कुछ घंटों बाद फंदे से लटकी
पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र की हरिजन बस्ती में 26 वर्षीय मनीषा मुखी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार देर शाम की है। बुधवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा के सदर अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मनीषा मुखी पिछले डेढ़ से दो माह से अपने परिवार से अलग किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थीं। उनके पति गुरुवा मुखी ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें वापस लाने का प्रयास किया। गुरुवा ने इस संबंध में सदर थाना में लिखित आवेदन भी दिया था। थाना में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद मंगलवार को ही गुरुवा अपनी पत्नी को घर वापस लाए थे। पति गुरुवा मुखी ने बताया कि घर लौटने के बाद मनीषा परेशान दिख रही थीं। घटना से कुछ समय पहले मनीषा ने ही उन्हें बाजार जाने के लिए कहा। उन्होंने अपना एटीएम कार्ड देते हुए कहा कि पैसे निकाल कर बच्चों के लिए कुछ खाने-पीने का सामान लेते आएं। गुरुवा मुखी के अनुसार, जब वह बाजार में थे, तभी पड़ोसियों ने फोन पर उन्हें घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह घर पहुंचे। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से मनीषा को तत्काल नोवामुंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनीषा और गुरुवा मुखी की शादी करीब दस वर्ष पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। पति ने बताया कि बच्चों की खातिर उन्होंने पत्नी को समझाकर घर वापस लाने का प्रयास किया था। हालांकि, घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद मनीषा ने दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

