पश्चिमी सिंहभूम के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत अंगारडीहा गांव में सर्पदंश से 49 वर्षीय बेलमाई सुंडी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात बेलमाई सुंडी अपने घर में सो रही थी। तभी किसी विषैले सांप ने उन्हें काट लिया। घटना के कुछ ही देर बाद उनके पैर में तेज जलन और असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द बढ़ने पर उन्होंने अपनी बहू संगीता सोय को आवाज देकर जगाया। बहू के अनुसार, रात करीब 12 बजे उनकी सास ने अचानक तेज दर्द और जलन की शिकायत की। घर में अंधेरा होने के कारण सांप की पहचान नहीं हो सकी। परिजनों ने टॉर्च की मदद से सांप को खोजने का प्रयास किया, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। शुरुआती स्तर पर घरेलू उपाय के तहत बहू ने उनके पैर की मालिश भी की। इलाज के दौरान हो गई मौत घटना के कुछ ही समय बाद बेलमाई सुंडी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उनके शरीर में बेचैनी बढ़ने लगी और कमजोरी महसूस होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक सांप का जहर उनके शरीर में काफी फैल चुका था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। अंततः मंगलवार तड़के करीब तीन बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने मांगी सरकारी सहायता इस घटना के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल रहता है। उन्होंने प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों से बचें और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर इलाज कराएं।
चाईबासा में सांप काटने से महिला की मौत:इलाज के दौरान चाईबासा सदर अस्पताल में तोड़ा दम, सोते समय सांप ने डंसा
पश्चिमी सिंहभूम के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत अंगारडीहा गांव में सर्पदंश से 49 वर्षीय बेलमाई सुंडी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात बेलमाई सुंडी अपने घर में सो रही थी। तभी किसी विषैले सांप ने उन्हें काट लिया। घटना के कुछ ही देर बाद उनके पैर में तेज जलन और असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द बढ़ने पर उन्होंने अपनी बहू संगीता सोय को आवाज देकर जगाया। बहू के अनुसार, रात करीब 12 बजे उनकी सास ने अचानक तेज दर्द और जलन की शिकायत की। घर में अंधेरा होने के कारण सांप की पहचान नहीं हो सकी। परिजनों ने टॉर्च की मदद से सांप को खोजने का प्रयास किया, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। शुरुआती स्तर पर घरेलू उपाय के तहत बहू ने उनके पैर की मालिश भी की। इलाज के दौरान हो गई मौत घटना के कुछ ही समय बाद बेलमाई सुंडी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उनके शरीर में बेचैनी बढ़ने लगी और कमजोरी महसूस होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक सांप का जहर उनके शरीर में काफी फैल चुका था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। अंततः मंगलवार तड़के करीब तीन बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने मांगी सरकारी सहायता इस घटना के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल रहता है। उन्होंने प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों से बचें और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर इलाज कराएं।


