बक्सर के इटाढ़ी प्रखंड की चिलहर और कुकुढ़ा पंचायतों में एक साथ पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) किरण कुमारी, चिलहर मुखिया टुनटुन सिंह और कुकुढ़ा मुखिया प्रतिनिधि चुनमुन चौबे ने मिलकर पौधे लगाए। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के संकल्प के तहत आयोजित किया गया। यह पौधारोपण ‘सहयोग शिविर’ का हिस्सा था। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर धरती की गोद में पौधे रोपे, जो विकास के साथ प्रकृति की रक्षा के महत्व को दर्शाता है। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल को देखा और ‘हमारी पंचायत, हमारा पर्यावरण, हमारी जिम्मेदारी’ का संदेश ग्रहण किया। बीडीओ किरण कुमारी ने इस अवसर पर ग्रामीणों से आह्वान किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि “एक पौधा, एक जीवन” की भावना से ही इस क्षेत्र को हरा-भरा बनाया जा सकता है। इस सहयोग शिविर ने इटाढ़ी प्रखंड के नेतृत्व की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया। यह दर्शाता है कि प्रशासन और पंचायतें मिलकर जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय हैं।
चिलहर, कुकुढ़ा पंचायत में पौधरोपण कार्यक्रम:बीडीओ ने लगाए पौधे, पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया
बक्सर के इटाढ़ी प्रखंड की चिलहर और कुकुढ़ा पंचायतों में एक साथ पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) किरण कुमारी, चिलहर मुखिया टुनटुन सिंह और कुकुढ़ा मुखिया प्रतिनिधि चुनमुन चौबे ने मिलकर पौधे लगाए। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के संकल्प के तहत आयोजित किया गया। यह पौधारोपण ‘सहयोग शिविर’ का हिस्सा था। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर धरती की गोद में पौधे रोपे, जो विकास के साथ प्रकृति की रक्षा के महत्व को दर्शाता है। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल को देखा और ‘हमारी पंचायत, हमारा पर्यावरण, हमारी जिम्मेदारी’ का संदेश ग्रहण किया। बीडीओ किरण कुमारी ने इस अवसर पर ग्रामीणों से आह्वान किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि “एक पौधा, एक जीवन” की भावना से ही इस क्षेत्र को हरा-भरा बनाया जा सकता है। इस सहयोग शिविर ने इटाढ़ी प्रखंड के नेतृत्व की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया। यह दर्शाता है कि प्रशासन और पंचायतें मिलकर जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय हैं।

