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औरंगाबाद के कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को चेहल्लुम के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी रही। बैठक का उद्देश्य पर्व के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा करना और सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि इस वर्ष चेहल्लुम पर्व 4 अगस्त को मनाया जाएगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। ऐसे में जुलूस मार्ग, धार्मिक स्थलों, कर्बला, पहलाम स्थलों तथा मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छोटी से छोटी घटना या विवाद को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। बिना अनुमति जुलूस नहीं, डीजे पर रहेगा प्रतिबंध बैठक में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि चेहल्लुम पर्व आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। सभी अधिकारी पूर्ण संवेदनशीलता, सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस नहीं निकलेगा। डीएम ने कहा कि सभी जुलूस केवल पूर्व निर्धारित और स्वीकृत मार्ग से ही संचालित होंगे तथा किसी भी परिस्थिति में मार्ग परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। डीएम ने कहा कि जुलूस में डीजे का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा अवैध हथियार, उत्तेजक नारे, अशोभनीय प्रदर्शन तथा पटाखों के प्रयोग पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों और गणमान्य लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने तथा किसी भी संभावित विवाद का समय रहते समाधान करने का निर्देश दिया। डीएम बोलीं- जुलूस वाले मार्गों पर लाइट, साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रमुख जुलूस की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश भी दिया। डीएम ने बताया कि सभी चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखें। बैठक में सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि आवश्यकता के अनुसार अधिक से अधिक लोगों से बॉन्ड भराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें और अनुज्ञप्ति जारी करने से पहले जुलूस मार्ग का भौतिक निरीक्षण कर संभावित विवादों का आकलन करते हुए ही अपनी अनुशंसा दें। वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई डीएम अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति धर्म, जाति, भाषा या किसी अन्य आधार पर सामाजिक वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने अथवा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अनुमंडल दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को ऐसे तत्वों के विरुद्ध समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जुलूस के दौरान मंदिर, मस्जिद और अन्य संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी जुलूस शांतिपूर्वक और निर्बाध रूप से अपने निर्धारित मार्ग से गुजरें।

