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भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की बैठक प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल की उपस्थिति में प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक में झारखंड के जनजातीय समाज, संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और विकास को लेकर राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के कल्याण, सम्मान और अधिकारों के लिए किए गए कार्यों की सराहना की गई। प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक जनजातीय समाज बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहा। पूर्व की सरकारों ने इनकी अनदेखी की, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गरीबों और वंचितों की सेवा जीवन का संकल्प है। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि झारखंड केवल संसाधनों से समृद्ध राज्य नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति और बलिदान की भूमि है। जब तक राज्य का जनजातीय समाज विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक विकसित भारत का सपना पूरा नहीं होगा। भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की शुरुआत ने इस धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पीएम मोदी का नेतृत्व सेवा और सुशासन की मिसाल है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से लेकर देश से नक्सलवाद के खात्मे तक, जो कार्य पहले असंभव लगते थे, वे आज संभव हुए हैं। संथाली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसे कदमों से जनजातीय पहचान मजबूत हुई है। प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने और उलिहातू विकास के लिए केंद्र की मोदी सरकार की सराहना की गई।
पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य विद्यालय व उज्ज्वला जैसी योजनाओं से समाज को सशक्त बनाने पर जोर।
जनजातीय भाषा, लोककला, पारंपरिक ज्ञान और अधिकारों के संरक्षण को विकास की मुख्य प्राथमिकता बनाने का लिया गया संकल्प।
जनजातीय समाज के संरक्षण का प्रस्ताव पारित:रांची में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की हुई बैठक
