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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर जनता के बीच जाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बोरिंग कैनाल रोड और मीठापुर में आभार सभाएं कीं। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने का रोडमैप भी बताया। प्रशांत किशोर ने शिक्षा, वृद्धा पेंशन, राशन और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। वहीं, बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। ‘बांकीपुर को ऐसा उदाहरण बनाइए कि अधिकारियों में डर पैदा हो’ बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक हॉल में आयोजित सभा में प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का चुनाव सिर्फ विधायक चुनने का चुनाव नहीं था। पूरे देश में इस बात की चर्चा हो रही है कि बांकीपुर की जनता ने किस तरह अपने लिए एक विकल्प चुना है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि बांकीपुर को एक उदाहरण बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम, अभियंता, थानेदार या ट्रैफिक पुलिस से जुड़ी कोई समस्या हो तो लोग सीधे उन्हें जानकारी दें। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम नहीं करता है या लोगों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देता है तो इसकी सूचना उनके कार्यालय तक पहुंचाई जाए। उन्होंने दावा किया कि जनता की शिकायतों पर कार्रवाई होने से व्यवस्था में इतना डर पैदा होगा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकेंगे। 3 महीने में 60 साल से अधिक उम्र के सभी पात्र लोगों को पेंशन दिलाने का दावा प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने कुछ वादे किए थे और उनमें से एक वादा विधायक से जुड़े किसी भी काम में एक रुपये की चोरी नहीं होने देने का था। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे गरीब लोगों के लिए सरकार ने वृद्धा पेंशन की व्यवस्था की है। उन्होंने दावा किया कि अगले तीन महीने में बांकीपुर में 60 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित नहीं रहेगा। उनके मुताबिक पात्र बुजुर्गों को हर महीने मिलने वाली 1100 रुपये की पेंशन सुनिश्चित कराने के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी। ‘गरीबों को हर हाल में पूरा 5 किलो अनाज मिलेगा’ राशन व्यवस्था को लेकर भी प्रशांत किशोर ने सरकार और स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को निर्धारित मात्रा में पूरा अनाज मिलना चाहिए। उनका दावा है कि राशन वितरण में करीब 30 प्रतिशत तक की चोरी होती है, जिसके कारण लाभुकों को पांच किलो के बजाय करीब चार किलो अनाज ही मिल पाता है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में अगले तीन महीने के भीतर यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य है कि गरीब परिवारों को हर हाल में पूरा पांच किलो अनाज मिले। बांकीपुर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तक पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर नहीं होगी, तब तक लोगों और उनके बच्चों का जीवन बेहतर नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में रहने वाले करीब 70 प्रतिशत लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की फीस कम कैसे हो और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम कैसे किया जाए, इस दिशा में चर्चा शुरू कर दी गई है। उनका दावा है कि अगले साल मार्च तक प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ बैठकर ऐसी व्यवस्था तैयार करने की कोशिश की जाएगी, जिससे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को आर्थिक राहत मिल सके। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सवालों पर भी किया पलटवार प्राइवेट स्कूलों की फीस और शिक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की ओर से उठाए गए सवालों पर भी प्रशांत किशोर ने पलटवार किया। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पार्टी में दम है तो वह खुलकर कहे कि बांकीपुर के बच्चों को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा के नेता अगर ऐसा बयान देकर दिखा दें तो जनता उसका जवाब देगी। उन्होंने चुनाव के दौरान दिए गए ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार भाजपा नेताओं का इससे भी बुरा हाल होगा। ‘बांकीपुर चुनाव के बाद मुख्यमंत्री ने एनकाउंटर की बात बंद कर दी’ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब से बांकीपुर का चुनाव हुआ है, तब से मुख्यमंत्री ने एनकाउंटर की बात करना बंद कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री भी पढ़ाई की बात कर रहे हैं।

