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करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग तेज हो गई है। मृतक के पिता अरविंद सिंह ने स्पष्ट कहा है कि वह जल्द ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका इकलौता बेटा पुलिस की मौजूदगी में मारा गया, ऐसे में उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है। निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है। भाजपा ने दी पूरे राज्य में आंदोलन की चेतावनी वहीं भाजपा ने भी इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन पूरे झारखंड में फैलाया जाएगा। दूसरी ओर पुलिस ने मामले में गिरफ्तार सोनू मंडल और राजलोहार को रिमांड पर लेकर 72 घंटे तक गहन पूछताछ की, जिसके बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही पहले से जेल में बंद नाबालिग आरोपियों का भी बयान लिया गया और उनकी जांच की गई। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों के बयान एक जैसे हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि घटना किसी पुरानी रंजिश का परिणाम नहीं थी, बल्कि अचानक हुए विवाद के बाद यह वारदात हुई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज हिमांशु हत्याकांड मामले में फरार चल रहे बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के संचालक नीरज सिंह, मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल, विजय कुमार, राहुल दुबे और अमित लोहार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया कर रही है, ताकि बाहरी राज्यो की पुलिस की मदद से उसे पकड़ा जा सके। पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और झारखंड के कई जिलों में छापेमारी कर रही हैं। प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि अपराधियों का बोलबाला इधर, जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह के घर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, विधायक भानु प्रताप शाही और अभय सिंह सहित कई नेता पहुंचे। इस दौरान आदित्य साहू ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में अपराधियों ने पहले दो युवकों पर चापड़ से हमला किया। फिर पुलिस वाहन में घुसकर हिमांशु सिंह को बाहर खींचकर चाकू मारकर हत्या कर दी। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि अपराधियों का बोलबाला है। जांच में पाया – डीडी डाडा बार का लाइसेंस वैध भाजपा नेता नीरज सिंह पर दर्ज केस और डीडी बार को लेकर उठ रहे सवालों पर आदित्य साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा ने बार से जुड़े दस्तावेज अपनी लीगल टीम को सौंपे। चार वकीलों की टीम ने दस्तावेजों की जांच की और पाया कि डीडी बार का लाइसेंस वैध है। उन्होंने कहा कि यदि बार में कोई अनियमितता थी तो सरकार ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। स्थिर है प्रत्युष की हालत डीडी बार एंड कैफे के बाहर हुई गोलीबारी में करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की मौत हो गई थी, जबकि प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रत्युष आनंद का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर चल रही है।

