जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र स्थित खड़िया बस्ती में मंगलवार देर रात हुई गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर निवासी देवदास गौड़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गोली उसकी गर्दन में लगी थी। गंभीर रूप से घायल हालत में उसे देर रात इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। अस्पताल पहुंचाने वाले साथियों पर ही आरोप घटना के बाद देवदास को अस्पताल पहुंचाने वाले उसके साथी देवाशीष पोद्दार, नीरज प्रधान और आरआईटी थाना में पदस्थापित एएसआई पंकज कुमार पर ही गोली चलाने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना के समय सभी लोग एक साथ मौजूद थे और बाद में बयान में लगातार बदलाव कर रहे हैं, जिससे पुलिस को संदेह और गहरा गया है। आपसी विवाद में चली गोली, आरोपी ने किया फायर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि खड़िया बस्ती में आपसी विवाद के दौरान ही यह गोलीबारी हुई। जांच के अनुसार, सभी लोग शराब के नशे में थे। किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान देवाशीष पोद्दार ने देवदास गौड़ पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य पुलिस ने घटनास्थल से चार ग्लास, खून के निशान सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इससे यह संकेत मिला है कि घटना से पहले सभी लोग एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। उलीडीह थाना प्रभारी मो. शरिक अली ने बताया कि मामले में शामिल लोग नशे की हालत में थे। वे लगातार अपने बयान बदल रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। वहीं मृतक के भाई बबलू प्रधान ने बताया कि देवदास घर का इकलौता बेटा था। आदित्यपुर की एक कंपनी में काम करता था। वह मंगलवार शाम करीब चार बजे अपने दोस्त के साथ घर से निकला था, जिसके बाद यह घटना सामने आई।
जमशेदपुर में युवक के गर्दन में मारी गोली:शराब पार्टी के दौरान बढ़ा विवाद, साथी पर फायरिंग का आरोप, गोली लगने से गई जान
जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र स्थित खड़िया बस्ती में मंगलवार देर रात हुई गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर निवासी देवदास गौड़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गोली उसकी गर्दन में लगी थी। गंभीर रूप से घायल हालत में उसे देर रात इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। अस्पताल पहुंचाने वाले साथियों पर ही आरोप घटना के बाद देवदास को अस्पताल पहुंचाने वाले उसके साथी देवाशीष पोद्दार, नीरज प्रधान और आरआईटी थाना में पदस्थापित एएसआई पंकज कुमार पर ही गोली चलाने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना के समय सभी लोग एक साथ मौजूद थे और बाद में बयान में लगातार बदलाव कर रहे हैं, जिससे पुलिस को संदेह और गहरा गया है। आपसी विवाद में चली गोली, आरोपी ने किया फायर पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि खड़िया बस्ती में आपसी विवाद के दौरान ही यह गोलीबारी हुई। जांच के अनुसार, सभी लोग शराब के नशे में थे। किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान देवाशीष पोद्दार ने देवदास गौड़ पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य पुलिस ने घटनास्थल से चार ग्लास, खून के निशान सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इससे यह संकेत मिला है कि घटना से पहले सभी लोग एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। उलीडीह थाना प्रभारी मो. शरिक अली ने बताया कि मामले में शामिल लोग नशे की हालत में थे। वे लगातार अपने बयान बदल रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। वहीं मृतक के भाई बबलू प्रधान ने बताया कि देवदास घर का इकलौता बेटा था। आदित्यपुर की एक कंपनी में काम करता था। वह मंगलवार शाम करीब चार बजे अपने दोस्त के साथ घर से निकला था, जिसके बाद यह घटना सामने आई।

