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गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के बाराडीह गांव में जमीन विवाद को लेकर 23 जुलाई को पेट्रोल छिड़ककर आग लग जाने से गंभीर रूप से झुलसे सहोदर यादव की रांची में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत के बाद शनिवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जुठहा–आम बागोडीह मुख्य मार्ग पर बाराडीह के समीप शव रखकर सड़क जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले के नामजद आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय को हटाने की भी मांग करते हुए कहा कि 12 घंटे के भीतर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, तभी सड़क जाम हटाया जाएगा और शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया सड़क जाम की सूचना मिलते ही एसडीपीओ धनंजय राम, बीडीओ फणीश्वर रजवार, इंस्पेक्टर अजय कुमार और बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाने के बाद लोगों ने सड़क जाम समाप्त किया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भरकट्टा थाना प्रभारी ने बताया कि सहोदर यादव की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत किया और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। 23 जुलाई को बाराडीह गांव में जमीन विवाद के दौरान सहोदर यादव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

