जहानाबाद जिले में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें कुल 26 मामलों की सुनवाई हुई, जहां जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने अपने कार्यालय कक्ष में 10 मामलों की सुनवाई की। वहीं, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार और अन्य अधिकारियों ने समाहरणालय सभा कक्ष में 16 मामलों का निस्तारण किया। जनता दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें शिक्षा विभाग से जुड़े चार, अतिक्रमण से संबंधित छह, जिला परिषद का एक, विद्युत विपत्र का एक और भू-अर्जन भुगतान का एक मामला शामिल था। इसके अतिरिक्त, विद्युत और जलजमाव जैसी अन्य शिकायतें भी दर्ज की गईं। जिला पदाधिकारी ने भूमि विवाद और अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिक्षा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अन्य मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों ने जनता को भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला प्रशासन ने दोहराया कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जहानाबाद में जनता दरबार का आयोजन:डीएम अलंकृता पाण्डेय ने 26 मामलों की सुनवाई की, त्वरित समाधान का भरोसा दिया
जहानाबाद जिले में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें कुल 26 मामलों की सुनवाई हुई, जहां जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने अपने कार्यालय कक्ष में 10 मामलों की सुनवाई की। वहीं, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार और अन्य अधिकारियों ने समाहरणालय सभा कक्ष में 16 मामलों का निस्तारण किया। जनता दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें शिक्षा विभाग से जुड़े चार, अतिक्रमण से संबंधित छह, जिला परिषद का एक, विद्युत विपत्र का एक और भू-अर्जन भुगतान का एक मामला शामिल था। इसके अतिरिक्त, विद्युत और जलजमाव जैसी अन्य शिकायतें भी दर्ज की गईं। जिला पदाधिकारी ने भूमि विवाद और अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिक्षा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अन्य मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों ने जनता को भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला प्रशासन ने दोहराया कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


