जहानाबाद में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। समाहरणालय स्थित ग्राम्प्लेक्स भवन में जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने शांति समिति के सदस्यों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ यह संयुक्त बैठक की। इसमें सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सभी मुहर्रम जुलूसों के लिए संबंधित थाने से लाइसेंस और पंजीकरण अनिवार्य होगा। जुलूस केवल निर्धारित समय और तय मार्गों पर ही निकाले जा सकेंगे। प्रत्येक लाइसेंसधारी को 20 सदस्यों के मोबाइल नंबर और आधार विवरण उपलब्ध कराने होंगे, साथ ही पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती भी सुनिश्चित करनी होगी। प्रशासन ने ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट निर्धारित की है। स्वयंसेवकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा और प्रत्येक जुलूस में दो वीडियोग्राफरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। लाउडस्पीकर केवल निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही बजाए जा सकेंगे, जबकि डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। तलवार, भाला, बरछी, फरसा, कुल्हाड़ी और हॉकी स्टिक जैसे घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। बैठक में विद्युत, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। इन विभागों को जुलूस मार्गों पर ढीले बिजली के तार हटाने, मेडिकल टीम और एंबुलेंस की तैनाती, फायर ब्रिगेड की उपलब्धता, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
जहानाबाद में मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट:जुलूसों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य, प्रत्येक में दो वीडियोग्राफर होंगे तैनात
जहानाबाद में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। समाहरणालय स्थित ग्राम्प्लेक्स भवन में जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने शांति समिति के सदस्यों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ यह संयुक्त बैठक की। इसमें सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सभी मुहर्रम जुलूसों के लिए संबंधित थाने से लाइसेंस और पंजीकरण अनिवार्य होगा। जुलूस केवल निर्धारित समय और तय मार्गों पर ही निकाले जा सकेंगे। प्रत्येक लाइसेंसधारी को 20 सदस्यों के मोबाइल नंबर और आधार विवरण उपलब्ध कराने होंगे, साथ ही पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती भी सुनिश्चित करनी होगी। प्रशासन ने ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट निर्धारित की है। स्वयंसेवकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा और प्रत्येक जुलूस में दो वीडियोग्राफरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। लाउडस्पीकर केवल निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही बजाए जा सकेंगे, जबकि डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। तलवार, भाला, बरछी, फरसा, कुल्हाड़ी और हॉकी स्टिक जैसे घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। बैठक में विद्युत, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। इन विभागों को जुलूस मार्गों पर ढीले बिजली के तार हटाने, मेडिकल टीम और एंबुलेंस की तैनाती, फायर ब्रिगेड की उपलब्धता, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

