जहानाबाद जिले के अमैन गांव में रविवार को समाजसेवी स्वर्गीय राधेश्याम शर्मा की प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, जहानाबाद द्वारा पौधरोपण एवं गायत्री महायज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। उपस्थित परिजनों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। पुण्यतिथि के अवसर पर गांव में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। वक्ताओं ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ जीवन प्रदान करने वाली अमूल्य धरोहर भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी प्रियजन की स्मृति में पौधरोपण करना सबसे श्रेष्ठ श्रद्धांजलि है, क्योंकि इससे समाज और प्रकृति दोनों का कल्याण होता है। गायत्री महायज्ञ के माध्यम से सकारात्मक सोच, संस्कार और लोकमंगल की भावना को जागृत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘एक पेड़—एक जीवन’ का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की अपील की। इस अवसर पर रंगेश कुमार, धनंजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार, डॉ. रंजीत भारतीय, अमित कुमार, मनीष कुमार, विनोद कुमार, नंदकिशोर शुक्ला, गया प्रसाद सिंह, नरेश प्रसाद सिंह और राम भरोसा शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जहानाबाद में समाजसेवी की पुण्यतिथि पर पौधरोपण:अमैन गांव में गायत्री महायज्ञ का आयोजन, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
जहानाबाद जिले के अमैन गांव में रविवार को समाजसेवी स्वर्गीय राधेश्याम शर्मा की प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, जहानाबाद द्वारा पौधरोपण एवं गायत्री महायज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। उपस्थित परिजनों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। पुण्यतिथि के अवसर पर गांव में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। वक्ताओं ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ जीवन प्रदान करने वाली अमूल्य धरोहर भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी प्रियजन की स्मृति में पौधरोपण करना सबसे श्रेष्ठ श्रद्धांजलि है, क्योंकि इससे समाज और प्रकृति दोनों का कल्याण होता है। गायत्री महायज्ञ के माध्यम से सकारात्मक सोच, संस्कार और लोकमंगल की भावना को जागृत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘एक पेड़—एक जीवन’ का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की अपील की। इस अवसर पर रंगेश कुमार, धनंजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार, डॉ. रंजीत भारतीय, अमित कुमार, मनीष कुमार, विनोद कुमार, नंदकिशोर शुक्ला, गया प्रसाद सिंह, नरेश प्रसाद सिंह और राम भरोसा शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


