जामताड़ा साइबर पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसपी शंभू कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर इन अपराधियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान सनातन दास (30 वर्ष, ग्राम नवाडीह), नितेश दास (22 वर्ष, ग्राम पोसोई, थाना जामताड़ा) और हिरण अंसारी (26 वर्ष, ग्राम लोहरबांधा, थाना करमाटांड़) के रूप में हुई है। जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह गांव में छापेमारी के दौरान दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिपराडीह मैदान के पास से एक अन्य अपराधी को पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड बरामद किए हैं। बैंकिंग समस्याओं का बहाना बनाकर करते थे ठगी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सनातन दास और नितेश दास यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। वे केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने या अन्य बैंकिंग समस्याओं का बहाना बनाकर गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और फिर ठगी करते थे। वहीं, हिरण अंसारी खुद को फर्जी बैंक अधिकारी बताकर लोगों को क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी कराने का झांसा देता था। इसी बहाने वह साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देता था।
जामताड़ा में तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार:9 मोबाइल और 22 सिम कार्ड बरामद, यूनियन और एक्सिस बैंक के अधिकारी बन करते थे ठगी
जामताड़ा साइबर पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसपी शंभू कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर इन अपराधियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान सनातन दास (30 वर्ष, ग्राम नवाडीह), नितेश दास (22 वर्ष, ग्राम पोसोई, थाना जामताड़ा) और हिरण अंसारी (26 वर्ष, ग्राम लोहरबांधा, थाना करमाटांड़) के रूप में हुई है। जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह गांव में छापेमारी के दौरान दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिपराडीह मैदान के पास से एक अन्य अपराधी को पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड बरामद किए हैं। बैंकिंग समस्याओं का बहाना बनाकर करते थे ठगी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सनातन दास और नितेश दास यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। वे केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने या अन्य बैंकिंग समस्याओं का बहाना बनाकर गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और फिर ठगी करते थे। वहीं, हिरण अंसारी खुद को फर्जी बैंक अधिकारी बताकर लोगों को क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी कराने का झांसा देता था। इसी बहाने वह साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देता था।
