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भास्कर न्यूज | कथारा सीसीएल जारंगडीह अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर मंगलवार को स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल में डॉक्टर और नर्स की नियमित तैनाती नहीं होने तथा भवन के धीरे-धीरे जर्जर होने पर लोगों ने अस्पताल का निरीक्षण किया और सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेता सैयद मो. हारुण उर्फ प्रिंस और भाजपा नेता गौतम राम ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, महिला एवं पुरुष वार्ड, बिजली और पानी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके बावजूद इसे निष्क्रिय छोड़ दिया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में यही अस्पताल बेरमो क्षेत्र का प्रमुख कोविड सेंटर था, जहां सैकड़ों मरीजों का सफल उपचार हुआ था। नेताओं ने कहा कि जारंगडीह परियोजना के अलावा यहां साइडिंग, रीजनल स्टोर और बीएंडके क्षेत्र की महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित होती हैं, जहां बड़ी संख्या में कोयला कर्मी कार्यरत हैं। ऐसे में अस्पताल को बंद करने या उसकी सेवाएं समाप्त करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं की गईं तो सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिससे उत्पादन और उत्पादकता भी प्रभावित हो सकती है। इस दौरान रंजीत यादव अहिर, मो. बबलू, ललित सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
