Monday, June 29, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

जिला परिषद की जमीन पर कब्जे को हेराफेरी:खगड़िया में DCC बोलीं-संपत्तियों की जमाबंदी में गड़बड़ी कर अवैध बिक्री की गई


खगड़िया में जिला परिषद की बहुमूल्य भू-संपत्तियों पर भूमाफियाओं और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कब्जा करने की साजिश का आरोप लगा है। जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने एक प्रेस वार्ता में यह गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी श्यामलाल ट्रस्ट, अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय, सन्हौली गोशाला, शत्रु संपदा और गैरमजरूआ आम-खास जैसी कई महत्वपूर्ण संपत्तियों की जमाबंदी में हेराफेरी कर अवैध बिक्री की गई थी, और अब जिला परिषद की संपत्तियों पर भी ऐसी ही नजर है। अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने विशेष रूप से बलुआही बस स्टैंड की जमीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि हाजीपुर मौजा स्थित खाता संख्या-153, खेसरा संख्या-131 और खाता संख्या-160, खेसरा संख्या-132 की कई बीघा जमीन पहले मुंगेर डिस्ट्रिक्ट बोर्ड की संपत्ति थी। खगड़िया जिला बनने के बाद इस पर जिला परिषद का अधिकार और स्वामित्व है। इसके बावजूद, वर्ष 1989 में जिला योजना मद से वहां बस पड़ाव का निर्माण कराया गया, जबकि जिला परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं लिया गया था। यादव ने आरोप लगाया कि उनके वर्ष 2011-16 के पूर्व कार्यकाल में जब जिला परिषद ने अपनी जमीन वापस मांगी, तो एक षड्यंत्र के तहत नगर परिषद को बस स्टैंड की बंदोबस्ती और वसूली का अधिकार दे दिया गया। इस मामले को लेकर नगर परिषद ने जिला लोक निवारण समिति में वाद संख्या-02/2014 दायर किया था, जो अब भी विचाराधीन है। ऐसे में, विवादित भूमि पर आधुनिक बस स्टैंड का शिलान्यास करना न्यायसंगत नहीं है। अध्यक्ष ने राजेंद्र चौक की भूमि को भी जिला परिषद की संपत्ति बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां अस्थायी निर्माण केवल धूप और बारिश से बचाव के लिए कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होती और भविष्य में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के दौरान इसे हटा दिया जाएगा। इसके अलावा दावन टोल स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड की छह बीघा से अधिक भूमि पर भी अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि उक्त भूमि पर महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज निर्माण का प्रस्ताव जिला परिषद की बैठक में पारित हुआ था, लेकिन भूमाफियाओं ने गरीब लोगों को कम पैसे में बसाकर पक्के मकान बनवा दिए। इस मामले में पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी चल रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि नगर परिषद कार्यालय और उससे जुड़ी परती भूमि भी जिला परिषद की संपत्ति है, जिसके किराये की मांग विभागीय निर्देश के आलोक में की गई है। साथ ही उक्त भूखंड पर किसी भी नए निर्माण पर रोक लगाने की बात कही गई है।
प्रेस वार्ता में अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि जिला परिषद की संपत्ति का हस्तांतरण करने का अधिकार राज्य सरकार को भी नहीं है। मानसी, गोगरी और जमालपुर अनुमंडल कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी परिसंपत्तियां जिला परिषद की जमीन पर स्थित हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के अधिकांश जिलों में बस स्टैंड जिला परिषद के अधीन संचालित होते हैं तथा नगर परिषद द्वारा उपयोग की स्थिति में नियमानुसार किराया भुगतान किया जाता है।
उन्होंने नगर पालिका अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि नगर परिषद को जिला परिषद की संपत्ति पर स्वामित्व का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही कुछ लोगों पर दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाया।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles