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झारखंड में अब शहरी क्षेत्र में जमीन और मकान खरीदना महंगा हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में झारखंड नगरपालिका भूमि-भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी गई। बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस नियमावली के बाद अब राज्य के किसी भी नगर निकाय क्षेत्र या अधिसूचित औद्योगिक नगरी में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री या ट्रांसफर होने पर कुल स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री फीस की कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा सरचार्ज के रूप में वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर स्टांप फीस और रजिस्ट्री फीस एक लाख रुपए है तो नए नियम के तहत 10 प्रतिशत यानी 10 हजार रुपए अतिरिक्त सरचार्ज चुकाना होना। प्रॉपर्टी के ट्रांसफर के समय संबंधित निबंधन अधिकारी की ओर से रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने से ठीक पहले सरचार्ज की यह राशि वसूली जाएगी। अगर किसी कारणवश रजिस्ट्री अधूरी रह जाती है या रद्द होती है, तो यह सरचार्ज की राशि आवेदक को वापस मिल जाएगी। सरचार्ज की यह राशि उस नगर निकाय को दी जाएगी, जिस क्षेत्र में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होगी विश्वविद्यालयों को बजट का 2 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर करना होगा खर्च राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ‘हेल्थ एंड वेल बीइंग यूनिट’ स्थापित की जाएगी। इन यूनिट्स के जरिए परिसरों में विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा, आपातकालीन स्थिति में त्वरित मदद और आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को अपने कुल बजट का 2 प्रतिशत हिस्सा इस पर खर्च करना होगा। अध्ययनरत छात्रों की विशेष ‘हेल्थ आईडी’ बनाई जाएगी और उनके स्वास्थ्य से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रखा जाएगा। मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ मंजूर, बनेगा पांच हजार बेड वाला अस्पताल रांची में बनने वाली मेडिको सिटी के लिए 284.17 करोड़ रुपए की स्वीकृति कैबिनेट ने दी। वंदना दादेल ने बताया कि यहां 5 हजार बेड वाला अस्पताल बनेगा। जरूरत पड़ने पर यहां छह हजार बेड भी बनाया जा सकता है। इससे राज्य के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। कैबिनेट ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर परिसर में 500 शय्या वाले अस्पताल के भवन निर्माण की योजना के लिए 5 अरब, 45 करोड़, 38 लाख 33 हजार 425 रुपए की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी। एमएमडीआर और एसआईआर पर चर्चा के लिए 25 और 26 नवंबर को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र राज्य सरकार ने खान एवं खनिज विकास अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) और एसआईआर पर चर्चा के लिए 25 और 26 नवंबर को विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इन दोनों विषयों पर विस्तार से चर्चा की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया गया है। एमएमडीआर संशोधन अधिनियम के कारण झारखंड को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। केंद्र सरकार पर राज्य की करोड़ों रुपए की राशि पहले से बकाया है। जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। झारखंड में एमएमडीआर कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। ऐसे में विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार इस मुददे को मजबूती से उठाएगी। इस एक्ट के विरोध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाएगा।
झारखंड नगर पालिका भूमि-भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली को मंजूरी:झारखंड में जमीन-मकान खरीदना महंगा, रजिस्ट्री पर अब देना होगा 10 प्रतिशत सरचार्ज
