Sunday, May 17, 2026

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झारखंड में मौसम का मिजाज बदला:बीते 24 घंटे रांची का पारा 2.1 डिग्री बढ़ा, 19 मई को 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


बीते 24 घंटे में झारखंड के मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। राजधानी रांची सहित कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि वातावरण में नमी और बादलों की आवाजाही बनी रही। रांची का अधिकतम तापमान 2.1 डिग्री बढ़कर 35.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जबकि मेदिनीनगर में तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। गुमला में हल्की बारिश भी रिकॉर्ड की गई। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से आंधी, गरज-चमक और बारिश का सिलसिला जारी रहने से भीषण गर्मी का असर इस बार सीमित रहा है। 19 मई को आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग ने 19 मई को राज्य के कई जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। रांची, गुमला, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग और बोकारो में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, मेघ गर्जन और बारिश की संभावना है। वहीं सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। साथ ही वज्रपात के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश की आशंका है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 17-18 मई को भी बदलेगा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 17 और 18 मई को उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे। आंधी-बारिश के आसार हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पलामू, गढ़वा और लातेहार में लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे मौसमी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण इस बार तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कुछ दिनों के लिए तापमान 40 डिग्री के पार गया था, लेकिन मई की शुरुआत से मौसम ने करवट ले ली। लगातार बारिश ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया। मानसून की आहट और फसलों पर पड़ा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष मानसून केरल में 26 मई के आसपास प्रवेश कर सकता है। सामान्य स्थिति में 7 जून तक झारखंड पहुंचने की संभावना है। हालांकि इसकी गति मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। इधर लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान भी उठाना पड़ा है। करेला, नेनुआ, झींगा, खीरा जैसी बेल वाली फसलें और टमाटर-शिमला मिर्च जैसी सब्जियां प्रभावित हुई हैं। जिससे बाजार में इनके दाम बढ़ने लगे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे भूजल स्तर को रिचार्ज होने में मदद मिलेगी। आगामी खेती के लिए यह लाभकारी साबित हो सकता है।

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