राज्य के सभी सिविल कोर्ट में अब ऑनलाइन सुनवाई भी होगी। झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला न्याययुक्त को कहा गया है कि ऊर्जा संकट को देखते हुए यथासंभव मामलों की सुनवाई हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अधिवक्ताओं को अपना पक्ष रखने के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन (zitsi) के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वहीं गवाहों को अधिवक्ताओं के माध्यम से ऑनलाइन जोड़ने का प्रयास हो। सख्त निर्देश दिया गया है कि ऑनलाइन सुनवाई के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के नियमों एवं निर्देशों का सही से पालन किया जाए। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तय मानकों के अनुसार ही कार्यवाही हो। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक के निर्देश के बाद झारखंड न्यायिक अकादमी ने न्यायिक प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल रूप में बदल दिया है। अगले आदेश तक अकादमी के सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम, सम्मेलन और कार्यशालाएं अब ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए नामित न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों को अब रांची स्थित न्यायिक अकादमी में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। अब राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण सत्रों में शामिल हो सकेंगे। इधर,आरयू में ऑनलाइन होंगी विभागीय बैठकें… रांची विवि ने एसओपी जारी कर राष्ट्रहित में ऊर्जा बचाने की अपील की है। वीसी प्रो. सरोज शर्मा ने छात्रों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे परिसर में आने-जाने के लिए साइकिल और पैदल आवागमन को प्राथमिकता दें। कार यूजर को कारपूलिंग अपनाने व सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल की सलाह दी गई है। साथ ही विभागीय बैठकों को अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया गया है। डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहू स्कूटी से विवि मुख्यालय में आ रहे हैं।
राज्य के सभी सिविल कोर्ट में ऑनलाइन होगी सुनवाई
राज्य के सभी सिविल कोर्ट में अब ऑनलाइन सुनवाई भी होगी। झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला न्याययुक्त को कहा गया है कि ऊर्जा संकट को देखते हुए यथासंभव मामलों की सुनवाई हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अधिवक्ताओं को अपना पक्ष रखने के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन (zitsi) के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वहीं गवाहों को अधिवक्ताओं के माध्यम से ऑनलाइन जोड़ने का प्रयास हो। सख्त निर्देश दिया गया है कि ऑनलाइन सुनवाई के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के नियमों एवं निर्देशों का सही से पालन किया जाए। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तय मानकों के अनुसार ही कार्यवाही हो। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक के निर्देश के बाद झारखंड न्यायिक अकादमी ने न्यायिक प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल रूप में बदल दिया है। अगले आदेश तक अकादमी के सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम, सम्मेलन और कार्यशालाएं अब ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए नामित न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों को अब रांची स्थित न्यायिक अकादमी में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। अब राज्य के अलग-अलग जिलों में पदस्थापित न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण सत्रों में शामिल हो सकेंगे। इधर,आरयू में ऑनलाइन होंगी विभागीय बैठकें… रांची विवि ने एसओपी जारी कर राष्ट्रहित में ऊर्जा बचाने की अपील की है। वीसी प्रो. सरोज शर्मा ने छात्रों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे परिसर में आने-जाने के लिए साइकिल और पैदल आवागमन को प्राथमिकता दें। कार यूजर को कारपूलिंग अपनाने व सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल की सलाह दी गई है। साथ ही विभागीय बैठकों को अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया गया है। डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहू स्कूटी से विवि मुख्यालय में आ रहे हैं।

