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भास्कर न्यूज| नोवामुंडी नोवामुंडी प्रखंड के टांकुरा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बुधवार को लापरवाही सामने आई। केंद्र में नामांकित 30 बच्चों में से सिर्फ 5 बच्चे मौजूद मिले। केंद्र की हालत देखकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ की तस्वीर दिखी। तीन बच्चे बरामदे में बैठे थे। एक बच्ची कमरे के फर्श पर चाक से लिखकर समय काट रही थी। केंद्र सेविका निरोज दिलोरी भुइयां घरेलू काम में व्यस्त रहने के कारण केंद्र से गायब थी। उनकी जगह बेटा रोशन भुइयां मोबाइल पर गीत चलाकर एक बच्ची को नृत्य का अभ्यास करा रहा था। सहायिका मरियम चातर पांचों बच्चों के लिए कड़ाही में भोजन पका रही थी। करीब आधे घंटे बाद सेविका देगची में पानी ढोकर केंद्र पहुंची। पूछताछ में सेविका ने बताया कि केंद्र में 30 बच्चे नामांकित हैं। अन्य दिनों में 15 से 20 बच्चे आते हैं। बुधवार को उपस्थिति कम क्यों रही, इस सवाल पर वह चुप रही। केंद्र में सबसे बड़ी लापरवाही पेयजल को लेकर है। केंद्र की चापाकल दो साल से खराब है। सोलर आधारित जलमीनार भी पिछले दो साल से बंद है। गांव के सार्वजनिक चापाकल से पानी ढोकर बच्चों के भोजन और पेयजल का काम चल रहा है। सेविका ने बताया कि विभाग में दर्जनों बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। केंद्र भवन के बाहर, और चारदीवारी के भीतर, बच्चों के लिए बना शौचालय निर्माण पूरा होते ही बंद कर दिया गया। दरवाजे पर ताला लगा है। जरूरत पड़ने पर छोटे बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। अब देखना होगा कि बाल विकास विभाग इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।
टांकुरा आंगनबाड़ी में लापरवाही, 30 में सिर्फ 5 बच्चे मिले
