धनबाद के चिरागोड़ा स्थित एक किराए के मकान में गुरुवार को 31 वर्षीय एमआर चिराग लक्ष्मी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। वह धनबाद में अकेले रहकर नौकरी करता था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पिता बोले – टारगेट के दबाव में उठाया कदम धनबाद थाना के एएसआई हरि प्रसाद नारायण ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। वहीं, मृतक के पिता कुंदन कुमार ने कंपनी और उसके अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नौकरी शुरू करने के बाद से ही चिराग पर लगातार काम और टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा था। कंपनी के मैनेजर और कलेक्शन से जुड़े लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिसके कारण वह काफी तनाव में रहने लगा था। परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव झेल रहा था। पटना जाने की थी तैयारी, कमरे में लटका मिला शव कुंदन कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ पटना जाने की तैयारी कर रहे थे, जहां उनकी किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। इसी बीच जब वे बेटे के कमरे में खाना देने पहुंचे, तो दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खोलने पर चिराग फंदे से लटका मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
टारगेट के प्रेशर में एमआर ने की आत्महत्या:धनबाद में किराए के मकान में रहता था, पिता बोले – कंपनी के लोग कर रहे थे तंग
धनबाद के चिरागोड़ा स्थित एक किराए के मकान में गुरुवार को 31 वर्षीय एमआर चिराग लक्ष्मी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। वह धनबाद में अकेले रहकर नौकरी करता था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पिता बोले – टारगेट के दबाव में उठाया कदम धनबाद थाना के एएसआई हरि प्रसाद नारायण ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। वहीं, मृतक के पिता कुंदन कुमार ने कंपनी और उसके अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नौकरी शुरू करने के बाद से ही चिराग पर लगातार काम और टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा था। कंपनी के मैनेजर और कलेक्शन से जुड़े लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिसके कारण वह काफी तनाव में रहने लगा था। परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव झेल रहा था। पटना जाने की थी तैयारी, कमरे में लटका मिला शव कुंदन कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ पटना जाने की तैयारी कर रहे थे, जहां उनकी किडनी ट्रांसप्लांट होनी थी। इसी बीच जब वे बेटे के कमरे में खाना देने पहुंचे, तो दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खोलने पर चिराग फंदे से लटका मिला। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
